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इंदौर पुलिस की तत्परता: चलती मोटरसाइकिल से गिरे छात्र की CPR देकर बचाई जान

इंदौर में चलती मोटरसाइकिल से गिरे एक छात्र को राऊ और राजेंद्र नगर थानों के तीन पुलिसकर्मियों ने समय पर CPR देकर और अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई। डीजीपी ने पुरस्कृत किया।

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इंदौर पुलिस की तत्परता: चलती मोटरसाइकिल से गिरे छात्र की CPR देकर बचाई जान

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 8 अगस्त 2026

मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने एक बार फिर अपनी तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए एक छात्र की जान बचाई है। इंदौर में हुई इस घटना में, तीन पुलिसकर्मियों ने न केवल घायल छात्र को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, बल्कि उसे समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, श्री कैलाश मकवाणा ने संबंधित पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।

यह घटना 6 अगस्त 2026 को इंदौर शहर में घटित हुई। दो छात्र एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान, पीछे बैठा छात्र अचानक चलती मोटरसाइकिल से सड़क पर गिर गया और बेहोश हो गया। गनीमत रही कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर नियमित गश्त पर तैनात थाना राऊ के प्रधान आरक्षक श्री बलराम चौहान, थाना राजेंद्र नगर के प्रधान आरक्षक श्री राहुल बोर्डिया और आरक्षक श्री विवेक प्रजापति की नजर इस दुर्घटना पर पड़ गई।

तत्काल बचाव और जीवनरक्षक CPR

पुलिसकर्मी बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंचे। छात्र की गंभीर स्थिति और बेहोशी को देखते हुए, उन्होंने आसपास मौजूद नागरिकों की सहायता से उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। छात्र के होश में न होने और सांस लेने में हो रही कठिनाई को भाँपते हुए, प्रधान आरक्षक श्री बलराम चौहान और प्रधान आरक्षक श्री राहुल बोर्डिया ने तत्काल छात्र को CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। इस जीवनरक्षक प्रक्रिया का तत्काल परिणाम दिखा; छात्र की स्थिति में सुधार होने लगा और उसकी सांसें सामान्य होने लगीं।

समय पर अस्पताल पहुंचाना

CPR से छात्र की स्थिति में सुधार होने के बाद, पुलिसकर्मियों ने जरा भी समय बर्बाद नहीं किया। उन्होंने तुरंत एक ऑटो रिक्शा की व्यवस्था की और घायल छात्र को निकटतम अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उसका उपचार शुरू कर दिया। समय पर CPR प्रदान करने और शीघ्रता से अस्पताल पहुंचाने के कारण ही छात्र की कीमती जान बचाई जा सकी।

मध्यप्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई उनकी सजगता, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह घटना दर्शाती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ, पुलिसकर्मी आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए भी पूरी तरह समर्पित हैं।