इंदौर मेट्रो: ₹12,900 करोड़ का संशोधित बजट मंजूर, येलो लाइन पर तेजी
इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए ₹7,500 करोड़ से बढ़ाकर ₹12,900 करोड़ की संशोधित लागत को राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है। येलो लाइन...

द क्लिफ न्यूज़ | इंदौर | 27 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल परियोजना के लिए राज्य सरकार ने संशोधित लागत को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत को ₹7,500 करोड़ से बढ़ाकर ₹12,900 करोड़ कर दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय शहर के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने और स्मार्ट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
परियोजना का एक अहम हिस्सा 31.32 किलोमीटर लंबा येलो लाइन रिंग रूट है। इस रूट के भूमिगत (underground) हिस्से की टनल (सुरंग) की खुदाई के लिए आवश्यक टनल बोरिंग मशीनें (TBM) शहर में पहुंच चुकी हैं। विशेष रूप से, पुराने और घनी आबादी वाले व्यस्ततम इलाकों, जैसे राजवाड़ा, के नीचे से सुरंग निर्माण का कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इस पूरे येलो लाइन रूट को दिसंबर 2028 तक पूरी तरह से चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे प्राईरिटी कॉरिडोर
हाल ही में, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की एक टीम ने 17.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण पूरा किया है। इस निरीक्षण में स्टेशन प्रबंधन, स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली, आपातकालीन ब्रेक तंत्र और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं सहित विभिन्न सुरक्षा मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया। परियोजना को इन सभी महत्वपूर्ण मानकों पर खरा उतरने के बाद ही सुरक्षा मंजूरी प्राप्त हुई है, जो यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत देता है।
स्मार्ट ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट को बढ़ावा
इंदौर मेट्रो परियोजना शहर के भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ लेकर आएगी। ग्रेड-4 ऑटोमेशन क्षमता वाली यह आधुनिक मेट्रो ट्रेनें शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के साथ-साथ ट्रैफिक के दबाव को भी काफी हद तक नियंत्रित करेंगी। इसके अतिरिक्त, सुपर कॉरिडोर, एमआर-10 और गांधी नगर जैसे क्षेत्रों में इस परियोजना के कारण कमर्शियल और आवासीय रियल एस्टेट के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। यह परियोजना एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस स्टैंड और शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के बीच सीधी और सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
