इंदौर में हरिओम योग केंद्र का 31वां केंद्र शुरू, 2026 सम्मेलन की रूपरेखा तय
इंदौर में हरिओम योग केंद्र का 31वां केंद्र खुला। योग शिक्षकों को सम्मानित किया गया और 2026 राष्ट्रीय आयुष सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई।

द क्लिफ न्यूज़ | इंदौर | 28 सितंबर 2026
शहर के केशरबाग रोड स्थित अवधूत परिसर में हरिओम योग केंद्र चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 31वें योग केंद्र का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन ब्रह्मलीन डॉ. आर.सी. वर्मा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें योग साधना को जनसेवा से जोड़ने की परंपरा को आगे बढ़ाया गया। आठ दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन के अवसर पर निष्काम भाव से सेवा देने वाले योग शिक्षकों और प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन योग प्रशिक्षण से हुई, जिसके उपरांत अतिथियों और योग साधकों का स्वागत किया गया। श्री अहिल्या माता गौशाला परिसर में आयोजित इस समारोह में ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी श्री अश्विनी वर्मा ने उन योग शिक्षकों का सम्मान किया, जो विभिन्न केंद्रों पर निस्वार्थ भाव से योग की सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों की समर्पण भावना और योग साधना के प्रति उनके योगदान की विशेष रूप से सराहना की।
योग शिक्षकों का निष्काम सेवा के लिए सम्मान
सम्मान समारोह के दौरान, डॉ. निर्मल महाजन, डॉ. आर.के. बाजपेयी, डॉ. हेमंत शर्मा, श्री प्रेम कुमार दुआ, श्री मनोज वर्मा, श्री शंकर लड्ढा, श्री विजय दानी और सुश्री रौनक सोनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, केंद्र प्रभारी और योग शिक्षक उपस्थित रहे। श्री अश्विनी वर्मा ने अपने संबोधन में डॉ. आर.सी. वर्मा जी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि डॉ. वर्मा जी द्वारा स्थापित सेवा और साधना की परंपरा को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह 31वां केंद्र ट्रस्ट की विस्तार योजनाओं का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य योग को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
डॉ. आर.सी. वर्मा की स्मृति में स्थापित यह नया केंद्र, योग के प्रसार और जनमानस तक इसके लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए और इसके माध्यम से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए। इस नए केंद्र के शुभारंभ के साथ, ट्रस्ट अपने सेवाभाव को और विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
2026 राष्ट्रीय आयुष सम्मेलन की तैयारियों पर महत्वपूर्ण बैठक
सम्मान समारोह के पश्चात्, 2026 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आयुष सम्मेलन की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सम्मेलन की कार्य-योजना, कार्य-विभाजन और आगामी गतिविधियों को लेकर रणनीति बनाई गई। सम्मेलन को व्यापक स्तर पर सफल बनाने और आयुष क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा पेशेवरों को सक्रिय रूप से जोड़ने पर गहन चर्चा की गई।
विभागाध्यक्ष, योग विभाग, चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के डॉ. हेमंत शर्मा ने प्रस्तावित सम्मेलन की रूपरेखा, इसके उद्देश्यों, भविष्य की गतिविधियों और इसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विभिन्न हितधारकों को सम्मेलन में शामिल किया जाएगा और उनके ज्ञान तथा अनुभव का लाभ उठाया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आयुष क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोधों और प्रगति पर चर्चा करना, ज्ञान का आदान-प्रदान करना और नए अवसरों की तलाश करना है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह और जनसहभागिता पर जोर
बैठक में उपस्थित डॉ. प्रमोद नंदवाल ने 2026 के सम्मेलन के प्रति कार्यकर्ताओं में व्याप्त विशेष उत्साह का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन को व्यापक जनसहभागिता के साथ सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर संपर्क और समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अलग-अलग समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी ताकि सम्मेलन अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सके। आयुष क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में यह सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा।
सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु विभिन्न कार्यसमूहों का गठन किया गया है, जिनमें से प्रत्येक समूह को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसमें पंजीकरण, अतिथि प्रबंधन, प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक सत्रों का आयोजन और स्वयंसेवकों का प्रबंधन शामिल है। कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और संवाद को बढ़ावा देने के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सदस्य अपनी भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
कार्यक्रम के अंत में, श्री अहिल्या माता गौशाला ट्रस्ट के श्री पुष्पेंद्र जी धनोतिया ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि योग साधकों की सेवा और साधना के उद्देश्य से गौशाला परिसर में प्रतिमाह एक विशेष आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य योग, गौसेवा और आध्यात्मिक गतिविधियों के मध्य एक सामंजस्यपूर्ण समन्वय स्थापित करना है। यह पहल न केवल योग के प्रचार-प्रसार में सहायक होगी, बल्कि गौमाता की सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
उपस्थितगणों ने गौसेवा, पितृ तर्पण और गौशाला में संचालित गोवंश संवर्धन प्रकल्पों का अवलोकन किया। इसके साथ ही, उन्होंने सप्त गौ माता मंदिर के दर्शन भी किए। गौशाला में चल रहे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों को देखकर सभी ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। यह स्थान न केवल गोवंश के संरक्षण का केंद्र है, बल्कि आध्यात्मिक शांति और प्रेरणा का स्रोत भी है। कार्यक्रम का समापन एक आत्मीय मिलन और अल्पाहार के साथ हुआ। इस पूरे आयोजन की सफलता में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, योग शिक्षकों, केंद्र प्रभारियों और अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने अपने अथक प्रयासों से इस कार्यक्रम को एक यादगार अनुभव बनाया।
