इंदौर गरबोत्सव 2026 संपन्न: बीए डांडिया ग्रुप ने जीता प्रथम पुरस्कार
इंदौर में चोइथराम कॉलेज और स्कूल में गरबोत्सव 2026 का भव्य आयोजन हुआ। बीए डांडिया ग्रुप ने कॉलेज वर्ग में प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि विभिन्न...

Indore | संवाददाता: डॉ. प्रमोद नंदवाल
द क्लिफ न्यूज़ | इंदौर | 18 अक्टूबर 2026
इंदौर के चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज और चोइथराम स्कूल वेस्ट के संयुक्त तत्वावधान में गरबोत्सव 2026 का समारोह पूर्वक समापन हुआ। डॉ. आर. सी. वर्मा मेमोरियल हॉल में आयोजित इस उत्सव का शुभारंभ चोइथराम ह्यूमनेटेरियन ट्रस्ट के एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी अश्विनी वर्मा ने मां अम्बे की आरती के साथ किया। लंदन से पधारे डॉ. रजत वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस सांस्कृतिक आयोजन में विद्यार्थियों ने पारंपरिक गरबा, डांडिया और तलवार नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चोइथराम स्कूल वेस्ट के प्राचार्य चंद्रकांत शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। कॉलेज के झलक ग्रुप के वाणिज्य (कॉमर्स) विद्यार्थियों ने विशेष रूप से रिंग डांस, डांडिया और तलवार नृत्य का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसी क्रम में, प्राचार्य डॉ. रीता जैन के निर्देशन में संकाय सदस्यों (फैकल्टी) द्वारा कोरियोग्राफ की गई गरबा प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी रही।
प्रतियोगिता का परिणाम और पुरस्कार वितरण
गरबोत्सव 2026 के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में कथक विशेषज्ञ डॉ. मोनिका जैन, मयूरी मोदी कांकरिया, डॉ. दीपा मनीष व्यास और सुषमा व्यास राजनिधि शामिल थे। इस प्रतिष्ठित मंडल ने विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। कॉलेज वर्ग में, बीए विभाग के डांडिया ग्रुप को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया, जबकि बीकॉम और बीएससी के संयुक्त ग्रुप ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में अन्य कई श्रेणियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इनमें बेस्ट ट्रेडिशनल अटायर, बेस्ट डांस परफॉर्मेंस, बेस्ट ग्रुप कोऑर्डिनेशन, बेस्ट ड्रेस अप, ड्यूल गरबा और सोलो गरबा जैसी श्रेणियां शामिल रहीं। इन पुरस्कारों ने विद्यार्थियों के उत्साह और सांस्कृतिक प्रतिभा को और बढ़ावा दिया।
यह गरबोत्सव 2026 छात्रों की प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उनके समर्पण का एक जीवंत प्रदर्शन साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में आयोजित सहभोज के साथ यह उत्सव हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ, जो सभी उपस्थितजनों के लिए एक यादगार अवसर बना।
