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IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान पर ब्राह्मण समुदाय का आक्रोश तेज, रविवार को सीएम हाउस घेरने की घोषणा

AJJAKS के अध्यक्ष और वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण समुदाय की लड़कियों को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद मध्यप्रदेश में विरोध...

Dec 12
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IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान पर ब्राह्मण समुदाय का आक्रोश तेज, रविवार को सीएम हाउस घेरने की घोषणा

AJJAKS के अध्यक्ष और वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण समुदाय की लड़कियों को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद मध्यप्रदेश में विरोध तेज हो गया है। समुदाय ने वर्मा के बयान को ‘घृणास्पद’ बताते हुए उनकी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
सरकार की ओर से अब तक की कार्रवाई को “असमान और पक्षपाती” बताते हुए ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का ऐलान किया है।


शुक्रवार से शुरू होगा विरोध, महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर शंखनाद से आगाज़

विरोध की शुरुआत शुक्रवार शाम 7 बजे वल्लभ भवन परिसर में की जाएगी। यहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा के सामने शंखनाद कर व्यापक आंदोलन का शुभारंभ होगा।
इस फैसले पर गुरुवार को हिंदू उत्सव समिति और अन्य संगठनों की बैठक हुई, जिसे ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित किया गया।


“समाज में गहरा आक्रोश… सरकार कार्रवाई करे” — मोर्चा

मोर्चा के संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्मा के बयान ने पूरे समुदाय में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। उन्होंने कहा:

“AJJAKS और JAYS जैसे संगठन भी उनके बयान का समर्थन नहीं कर रहे, इसके बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसी कारण 14 दिसंबर को हम सीएम हाउस का घेराव करेंगे।”

शर्मा ने दावा किया कि इस मुद्दे पर समुदाय में एकजुटता बन चुकी है और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।


समुदाय की मांग: निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई

ब्राह्मण समाज का कहना है कि जिस तरह अन्य मामलों में कठोर कदम उठाए जाते हैं, उसी तरह वर्मा के बयान पर भी समान कठोरता दिखाई जानी चाहिए।
समुदाय ने राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच, स्पष्ट जवाबदेही और तेज़ कार्रवाई की मांग की है।


अन्य संगठन भी आए समर्थन में

ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा ने सभी संगठनों और समुदाय से जुड़े लोगों से आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की है।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मुद्दा केवल बयान का नहीं, बल्कि “सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही और आचरण” से जुड़ा है।