ई-माइग्रेट पोर्टल से 52 लाख श्रमिकों को मिला विदेश जाने का क्लीयरेंस
विदेश मंत्रालय का ई-माइग्रेट पोर्टल 2014 से अब तक 52 लाख से अधिक श्रमिकों, विशेषकर ईसीआर पासपोर्ट धारकों को सुरक्षित विदेश रोजगार के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस प्रदान कर चुका है।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 7 अगस्त 2026
विदेश मंत्रालय द्वारा विकसित ई-माइग्रेट पोर्टल ने विदेशी रोजगार की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ईसीआर) पासपोर्ट धारक भारतीय श्रमिकों के लिए इस पोर्टल ने इमिग्रेशन प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। वर्ष 2014 में पोर्टल के लॉन्च होने के बाद से अब तक 52 लाख से अधिक भारतीय श्रमिकों को ईसीआर देशों में सुरक्षित नौकरी के लिए आधिकारिक तौर पर इमिग्रेशन क्लीयरेंस प्रदान की जा चुकी है।
यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने वर्ष 2021 से अब तक विदेशी कंपनियों और सरकारों के साथ कई द्विपक्षीय समझौते किए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य भारतीय कार्यबल को सुरक्षित और कानूनी रूप से विदेशी बाजारों में अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रमुख गंतव्यों में श्रमिकों की भारी संख्या
जिन देशों में सबसे अधिक भारतीय श्रमिकों को शीघ्र इमिग्रेशन क्लीयरेंस प्राप्त हुआ है, उनमें सऊदी अरब शीर्ष पर है, जहां 7,59,578 श्रमिकों को मंजूरी मिली है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का स्थान आता है, जहाँ 5,08,995 श्रमिकों को क्लीयरेंस मिली है। कुवैत के लिए 2,28,206, कतर के लिए 1,65,089, ओमान के लिए 1,40,061 और बहरीन के लिए 41,327 इमिग्रेशन क्लीयरेंस सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।
विदेशों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा
विदेशों में भारतीय कामगारों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के संबंध में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने और उन्हें धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों से बचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सदन को उन भारतीयों के बारे में भी सूचित किया जो कानूनी समस्याओं या अन्य कारणों से विदेशों में फंसे हुए थे और भारत सरकार तथा भारतीय दूतावासों के सहयोग से वतन वापस लाए गए।
अनधिकृत एजेंटों पर अंकुश की कवायद
डॉ. जयशंकर ने सदन के समक्ष एक सूची साझा की, जिसमें इस वर्ष (मार्च तक) सबसे अधिक अमेरिका से 414, ब्रिटेन से 57 और साइप्रस से 53 भारतीयों के निर्वासन (डिपोर्ट) की जानकारी दी गई। मंत्री ने यह भी बताया कि देश में कुल 3,505 बिना पंजीकरण वाले एजेंटों की जानकारी ई-माइग्रेट पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी से सचेत करना और उन्हें ऐसे एजेंटों के झांसे में आने से बचाना है।
