हॉकी विश्व कप: इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हराया, डिफेंस में दिखी कमजोरी
पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। पहले हाफ में 2-1 की बढ़त के बावजूद, दूसरे हाफ में भारतीय डिफेंस बिखर गया।

द क्लिफ न्यूज़ | एम्सटेलवीन | 18 अगस्त 2026
पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से करारी हार झेलनी पड़ी है। वैगेनर स्टेडियम में खेले गए इस अहम मुकाबले में भारत ने पहले हाफ में भले ही 2-1 की बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरे हाफ में डिफेंस में आई खामियों और अनुशासन की कमी के कारण इंग्लैंड ने जबरदस्त वापसी करते हुए मैच जीत लिया। इंग्लैंड ने तीसरे और चौथे क्वार्टर में तीन गोल दागकर भारतीय उम्मीदों को गहरा झटका दिया।
मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए थोड़ी चुनौती भरी रही। इंग्लैंड ने 14वें मिनट में निकोलस बैंडुराक के गोल से खाता खोला, जिससे टीम 1-0 से आगे हो गई। हालांकि, भारतीय टीम ने तुरंत वापसी की और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 16वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद भारतीय आक्रमण और तेज हो गया और 24वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने एक और गोल कर भारत को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। पहले हाफ की समाप्ति तक भारत अपनी इस बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा, जहाँ टीम ने आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया और गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा, जिससे इंग्लैंड पर लगातार दबाव बना रहा।
रक्षात्मक चूक ने पलटा मैच का पासा
दूसरे हाफ में मैच का रुख पूरी तरह से पलट गया। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत से ही इंग्लैंड ने भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। भारतीय रक्षापंक्ति में दिखी कमजोरियों का फायदा उठाते हुए, इंग्लैंड के स्टुअर्ट रशमेयेर ने 39वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इस गोल के कुछ ही मिनटों बाद, 43वें मिनट में हेनरी क्रॉफ्ट ने एक और गोल दागकर इंग्लैंड को 3-2 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। लगातार दो गोल खाने के बाद भारतीय टीम पर काफी दबाव आ गया था और बराबरी के प्रयास रंग नहीं ला पाए। इंग्लैंड की डिफेंस लाइन ने भारतीय हमलों को सफलतापूर्वक रोका, जिससे स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ।
अंतिम क्वार्टर में इंग्लैंड ने पक्की की जीत
चौथे क्वार्टर में भारत के लिए मुकाबले में वापसी करना और स्कोर बराबर करना अत्यंत आवश्यक था। लेकिन, इंग्लैंड ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी और दबाव बनाए रखा। 55वें मिनट में निकोलस बैंडुराक ने अपना दूसरा व्यक्तिगत गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त को 4-2 कर दिया। इस गोल ने भारतीय टीम की वापसी की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया। अंतिम क्षणों में भारत ने वापसी के कुछ प्रयास जरूर किए, लेकिन इंग्लैंड ने अपनी दो गोल की बढ़त को अंत तक बनाए रखा और 4-2 से महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
भारतीय टीम के लिए यह हार विशेष रूप से निराशाजनक इसलिए रही क्योंकि उसने पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 की बढ़त हासिल कर ली थी। यह दर्शाता है कि दूसरे हाफ में टीम के खेल में किस हद तक गिरावट आई।
कोच ने मानी डिफेंस की कमजोरी
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने मैच के बाद हार के कारणों पर प्रकाश डालते हुए तीसरे क्वार्टर में हुई रक्षात्मक गलतियों और अनुशासन की कमी को मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने पहले दो क्वार्टर में इंग्लैंड के हमलों को काफी हद तक रोकने में सफलता पाई थी, लेकिन दूसरे हाफ में डिफेंस के बीच तालमेल बिगड़ गया, जिसका फायदा इंग्लैंड ने उठाया। मैच के दौरान इंग्लैंड ने भारतीय सर्किल में लगातार दबाव बनाए रखा और गोल के कई मौके तैयार किए। भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी बढ़त को बनाए रखना था, लेकिन दो गोल की बढ़त होने के बावजूद वह ऐसा करने में नाकाम रहा। इंग्लैंड ने मैच की गति को अपने पक्ष में मोड़ने में सफलता हासिल की और भारतीय टीम को लगातार दबाव में रखा।
पाकिस्तान के खिलाफ अहम मुकाबला
इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद, पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारत के लिए पूल डी में अगले दौर में पहुंचने की राह थोड़ी कठिन हो गई है। अब भारतीय टीम की निगाहें अपने अगले महत्वपूर्ण मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ उसका सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होना है। यह मुकाबला भारतीय टीम के अभियान के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अगले दौर में अपनी जगह पक्की करने के लिए टीम को न केवल बेहतर प्रदर्शन करना होगा, बल्कि एक मजबूत वापसी भी करनी होगी।
भारतीय टीम के लिए इंग्लैंड के खिलाफ मैच से सबसे बड़ी सीख यही है कि उसे दूसरे हाफ में रक्षात्मक अनुशासन को हर हाल में बनाए रखना होगा। पहले हाफ में बनाई गई बढ़त को सुरक्षित रखने में मिली असफलता के बाद, अब टीम को अगले मुकाबले में अपने डिफेंस को मजबूत करने, पासिंग में सटीकता लाने और गोल के मौकों को भुनाने पर विशेष ध्यान देना होगा। हार के बावजूद, भारतीय टीम के पास अभी भी टूर्नामेंट में वापसी करने का एक अवसर मौजूद है। पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला अगला मैच टीम के अभियान की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारतीय खिलाड़ियों को पिछली गलतियों से सबक लेते हुए, एक नई रणनीति और अधिक अनुशासित खेल के साथ मैदान पर उतरना होगा।
