हॉकी विश्व कप: भारत ने चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका, नवनीत और दीपिका के गोल
भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप में दमदार शुरुआत करते हुए ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका। नवनीत कौर और दीपिका ने भारत के लिए गोल किए।

द क्लिफ न्यूज़ | एम्स्टेलवीन | 17 अगस्त 2026
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में अपने अभियान का शानदार आगाज किया है। एम्स्टेलवीन के वैगनर स्टेडियम में खेले गए पूल-डी के एक कड़े मुकाबले में, भारतीय टीम ने मजबूत प्रतिद्वंद्वी और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 की रोमांचक बराबरी पर रोककर एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। इस मैच में भारतीय टीम ने दो बार बढ़त बनाई, जिसे चीन ने दोनों बार पाट दिया।
शुरुआती बढ़त और नवनीत का कमाल
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक तेवर दिखाए। इसका फल आठवें मिनट में मिला जब नवनीत कौर ने नेहा के शानदार पास को सटीकता से गोलपोस्ट में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस शुरुआती गोल ने भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और उन्होंने चीन पर दबाव बनाए रखा। नवनीत कौर का यह गोल, जो उन्होंने फील्ड प्ले के दौरान किया, भारतीय आक्रमण की धार को प्रदर्शित करता है।
हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। चीन ने जल्द ही वापसी का मार्ग तलाश लिया। भारतीय सर्किल में हुए एक फाउल के बाद चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे झांग यिंग ने गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। यह गोल चीन की क्षमता को दर्शाता है कि वे दबाव में भी वापसी कर सकते हैं।
दीपिका के पेनल्टी कॉर्नर गोल से भारत फिर आगे
दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन सराहनीय रहा। 25वें मिनट में भारत को एक महत्वपूर्ण पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर दीपिका ने एक बेहतरीन प्रयास किया। दीपिका के ड्रैगफ्लिक पर गेंद चीनी डिफेंडर से छूकर गोल में समा गई, जिससे भारत ने एक बार फिर 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। यह गोल भारतीय टीम की विशेष खेल परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को रेखांकित करता है।
इसके बाद भी भारतीय खिलाड़ियों, जिनमें नेहा और लालरेमसियामी प्रमुख थीं, ने गोल करने के कुछ और मौके बनाए। उन्होंने चीनी रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा और कई बार गोल करने के करीब पहुंचीं। हालांकि, वे अपनी बढ़त को और मजबूत करने में सफल नहीं हो सकीं, जो मैच के अंतिम परिणाम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता था।
चीन की वापसी और मा निंग का गोल
हाफ टाइम के बाद चीन की टीम खेल की गति बढ़ाते हुए मैदान पर उतरी। उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और भारतीय गोल पर लगातार हमले तेज कर दिए। 39वें मिनट में चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, और मा निंग ने अपने ड्रैगफ्लिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए गेंद को गोलजाल में पहुंचाकर स्कोर को 2-2 से बराबर कर दिया। मा निंग का यह गोल चीन के लिए महत्वपूर्ण था क्योंकि इसने उन्हें मैच में जीवित रखा।
बराबरी के बाद मैच और अधिक रोमांचक हो गया। दोनों टीमें जीत के लिए बेताब थीं। चीन ने निर्णायक गोल के लिए जोर लगाया, और उन्होंने भारतीय रक्षापंक्ति के बीच से कई बार आक्रमण किए। हालांकि, भारतीय रक्षात्मक खिलाड़ियों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए हर हमले का डटकर सामना किया और गोल होने से रोका।
रक्षापंक्ति का मजबूत प्रदर्शन
मुकाबले के अंतिम क्वार्टर में चीन ने जीत के इरादे से पूरी ताकत झोंक दी। चीनी फॉरवर्ड्स ने भारतीय डिफेंडरों को छकाने के कई प्रयास किए और गोल पर लगातार हमले किए। भारतीय गोलपोस्ट पर कई बार खतरा मंडराया, लेकिन भारतीय रक्षात्मक खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और संयम का परिचय देते हुए किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया। गोलकीपर सविता पूनिया का प्रदर्शन भी अहम रहा, जिन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बचाव किए।
इस दौरान लालरेमसियामी को भी भारत को निर्णायक बढ़त दिलाने का एक अच्छा अवसर मिला, जब वे एक त्वरित जवाबी हमले पर गोल के सामने थीं। हालांकि, वे अपने शॉट को गोल में बदलने में नाकाम रहीं। यह अवसर महत्वपूर्ण था क्योंकि यह भारत को तीन अंक दिला सकता था।
आखिरी सीटी बजने तक दोनों टीमें गोल के लिए संघर्ष करती रहीं। खेल की गति तेज बनी रही और हर खिलाड़ी अपनी टीम के लिए कुछ खास करना चाहता था। लेकिन, अंततः कोई भी टीम निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी, और मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस तरह, भारत ने एक अंक से विश्व कप का आगाज किया।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगली चुनौती
पूल-डी में अपने अगले मुकाबले में भारतीय टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। दक्षिण अफ्रीका को अपने पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों 0-4 से करारी हार का सामना करना पड़ा है। यह भारतीय टीम के लिए एक बड़ा अवसर होगा कि वह मंगलवार को होने वाले इस मुकाबले में जीत दर्ज कर विश्व कप के अगले दौर में पहुंचने की अपनी संभावनाओं को मजबूत करे।
विश्व कप के अगले दौर में पहुंचने के लिए पूल की शीर्ष दो टीमों में स्थान बनाना आवश्यक है। चीन के खिलाफ मिला एक अंक महत्वपूर्ण है, लेकिन भारतीय टीम की निगाहें अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन अंक हासिल करने पर होंगी। एक जीत से टीम का मनोबल और बढ़ेगा और आगे के मैचों के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपेक्षित जीत के बाद, भारतीय टीम का अगला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ होगा, जो निश्चित रूप से एक कठिन परीक्षा होगी।
आत्मविश्वास में वृद्धि
ओलंपिक की रजत पदक विजेता जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दो बार बढ़त बनाने और फिर उसे बनाए रखने में सफल न होने के बावजूद, एक अंक हासिल करना भारतीय महिला हॉकी टीम के आत्मविश्वास को निश्चित रूप से बढ़ाएगा। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि टीम किसी भी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर देने में सक्षम है। भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया है कि वे दबाव में भी अच्छा खेल खेल सकते हैं और गोल करने की क्षमता रखते हैं।
यह परिणाम विश्व कप में भारतीय महिला हॉकी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। टीम ने अपनी आक्रमण क्षमता और रक्षात्मक सुदृढ़ता का प्रदर्शन किया है। अब भारतीय बेटियों की निगाहें अगले मुकाबले में जीत दर्ज कर विश्व कप अभियान को नई गति देने पर टिकी हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा, और उम्मीद है कि टीम तीन अंक हासिल करने में सफल रहेगी।
