हिंदुओं के अस्तित्व और राष्ट्र की मांग, "हिंदू जागो" पदयात्रा हापुड़ पहुंची
हापुड़ में "हिंदू जागो, घर बेटी अस्तित्व बचाओ" पदयात्रा का स्वागत किया गया। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने हिंदुओं के लिए अलग राष्ट्र की आवश्यकता बताई।

संवाददाता: दीपक कुमार त्यागी
द क्लिफ न्यूज़ | हापुड़ | 13 सितंबर 2026
गढ़मुक्तेश्वर के बृजघाट से शुरू हुई "हिंदू जागो, घर बेटी अस्तित्व बचाओ" पदयात्रा शनिवार को हापुड़ पहुंची। इस यात्रा का नेतृत्व शिवशक्ति धाम डासना, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति महादेवानंद गिरि कर रहे हैं। हापुड़ के छज्जुमल की धर्मशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया। यह यात्रा गाजियाबाद के सुप्रसिद्ध तीर्थ दूधेश्वरनाथ मठ तक जाएगी।
पदयात्रा के हापुड़ आगमन पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने पदयात्रियों का उत्साहवर्धन किया। स्वागत करने वालों में अरुण त्यागी, गजेंद्र गुप्ता, विपुल मित्तल, दीपक त्यागी अच्छेजा, चौधरी ज्ञानेंद्र त्यागी, मनोज वर्मा, कवि विकास विजय त्यागी, निखिल त्यागी, लालाराम वाल्मीकि, कवि अवनीत समर्थ, अनिल त्यागी सहित अनेक लोग शामिल थे।
यात्रा का आध्यात्मिक उद्देश्य
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने इस पदयात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह यात्रा देवाधिदेव भगवान महादेव शिव व जगदजननी मां जगदम्बा से हिंदुओं के लिए विशेष प्रार्थना करने हेतु मंदिरों तक जा रही है। इसका उद्देश्य हिंदुओं हेतु भक्ति, सद्बुद्धि, शक्ति और विजय की कामना करना है। यात्रा के दौरान गंगाजल को विभिन्न मंदिरों में मां और महादेव को अर्पित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत कल सुबह चंडी मंदिर से होगी और यह शिवशक्ति धाम डासना की ओर प्रस्थान करेगी। अंततः, यह गंगाजल दूधेश्वरनाथ मंदिर, गाजियाबाद में महादेव को अर्पित कर हिंदुओं के कल्याण की प्रार्थना की जाएगी।
राजनीतिक दलों पर अविश्वास और राष्ट्र निर्माण की वकालत
इस यात्रा के संदर्भ में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को आजमाया जा चुका है और यह स्पष्ट हो गया है कि वे हिंदुओं के हितैषी नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये राजनीतिक दल अपने बच्चों को विदेश भेजकर देश को 'धर्मनिरपेक्षता' के नाम पर हिंदुओं के लिए 'नर्क' बना रहे हैं। उनके अनुसार, इन दलों पर विश्वास करना धर्म, समाज और वंश को सर्वनाश की ओर ले जाना है।
महामंडलेश्वर गिरी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि आज तक का इतिहास यही बताता है कि हिंदू नेता अपने समाज को झूठी बातों में उलझाए रखते हैं, जबकि 'जिहादी' दिन-रात हिंदुओं सहित अन्य गैर-मुस्लिमों की हत्या की योजनाएं बनाते रहते हैं। उन्होंने वर्तमान सत्ताधीशों पर भी आरोप लगाया कि वे हिंदू समाज को जातीय गृहयुद्ध की ओर धकेल रहे हैं, जबकि एकता और सद्भावना की सर्वाधिक आवश्यकता है।
इजरायल जैसा राष्ट्र की मांग
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने हिंदुओं के लिए एक अलग राष्ट्र की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में, जब हिंदू समाज को एकता की सबसे अधिक जरूरत है, तो उनके पास केवल इजरायल जैसा एक राष्ट्र बनाने का ही मार्ग शेष रह गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा राष्ट्र बनाने में हम असफल रहे, तो कोई भी हमारे विनाश को रोक नहीं सकेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हिंदू समाज अभी इस गंभीर प्रश्न पर सोचने का साहस भी नहीं कर पा रहा है।
संतों और भक्तों की उपस्थिति
पदयात्रा में यति महादेवानंद गिरी के साथ स्वामी राम विशाल दास, स्वामी माधव गिरी, स्वामी अभिराम दास, स्वामी दिलीप महाराज तथा साध्वी दीपिका मिश्रा सहित बड़ी संख्या में भक्तगण भी शामिल थे। आज पदयात्रियों को आशीर्वाद देने के लिए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी, अनिल यादव छोटे नरसिम्हानंद और मोहित बजरंगी भी छज्जुमल की धर्मशाला में उपस्थित रहे, जिन्होंने यात्रा के उद्देश्य को महत्वपूर्ण बताया।
