हिंदी सप्ताह का समापन: संघर्ष से सीख, भाषा का सम्मान
उदयपुर के विद्या भवन रुरल इंस्टिट्यूट में हिंदी सप्ताह का समापन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें वक्ताओं ने भाषा के विकास में संघर्ष के महत्व पर...

उदयपुर | संवाददाता: संदीप सिंह
द क्लिफ न्यूज़ | उदयपुर | 14 सितंबर 2026
उदयपुर के विद्या भवन रुरल इंस्टिट्यूट में आयोजित हिंदी सप्ताह का समापन समारोह सोमवार को साहित्यिक गरिमा के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. बाल गोपाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, फलासिया, ने हिंदी भाषा के उतार-चढ़ावों भरे ऐतिहासिक सफर और उसके वर्तमान स्वरूप पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जिस प्रकार मनुष्य जीवन की चुनौतियों से लड़कर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाता है, उसी प्रकार हिंदी भाषा ने भी अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए आज अपना व्यापक स्थान सुनिश्चित किया है।
डॉ. शर्मा ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए जीवन में आने वाली विपरीत परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनसे सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संघर्ष ही सफलता की कुंजी है और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर ही आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने हिंदी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि अपनी भाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं का आदर करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हिंदी के विकास में विद्वानों का योगदान
समारोह का स्वागत उद्बोधन देते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सरस्वती जोशी ने बताया कि पूरे सप्ताह आयोजित विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा की सराहना की। सहायक आचार्य डॉ. निर्मला शर्मा ने समारोह का संचालन करते हुए साहित्य सृजन और निरंतर पठन-पाठन के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. निर्मला शर्मा ने हिंदी भाषा के संवर्धन में फोर्ट विलियम कॉलेज, प्रोफेसर गिलक्रिस्ट, लल्लू लाल, सदन मिश्र, राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद और महावीर प्रसाद द्विवेदी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को विशेष रूप से याद किया, जिनके प्रयासों से हिंदी भाषा को एक नई दिशा मिली।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिला सम्मान
हिंदी सप्ताह के समापन सत्र में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। आशु भाषण प्रतियोगिता में लक्षिता प्रथम, नित्या पालीवाल द्वितीय और सुहानी पालीवाल तृतीय स्थान पर रहीं। निबंध लेखन प्रतियोगिता में किरण जोशी ने प्रथम, मुस्कान द्वितीय और निधि जोशी ने तृतीय पुरस्कार जीता। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में गुंजन कुंवर देवड़ा और अर्जुनलाल गमेती संयुक्त रूप से प्रथम विजेता घोषित हुए, जबकि हर्ष भोई द्वितीय और हिमानी सोनी तृतीय रहीं। कविता पाठ प्रतियोगिता में गुंजन कुंवर देवड़ा ने प्रथम स्थान हासिल किया, चेतन सिंह द्वितीय और रामसिंह तृतीय रहे। इन सभी मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार राशि और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
पूरे आयोजन के दौरान महाविद्यालय निर्देशिका प्रोफेसर कनिका शर्मा का मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहा। यह सात दिवसीय हिंदी सप्ताह केवल एक कार्यक्रम बनकर नहीं रह गया, बल्कि इसने विद्यार्थियों को भाषा को जीवन और संवेदनाओं से जोड़ने का एक सार्थक अवसर प्रदान किया। इस आयोजन ने भाषा के प्रति सम्मान और उसके ऐतिहासिक संघर्ष को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
