हैदराबाद में ऊंची इमारतों का बढ़ता चलन, स्काईलाइन हो रही है आधुनिक
हैदराबाद का स्काईलाइन तेजी से बदल रहा है। कोकापेट, गचीबाउली और चंपापेट जैसे इलाकों में हाईराइज प्रोजेक्ट्स की धूम है, जो शहर की नई पहचान बना रहे हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | हैदराबाद | 12 अगस्त 2026
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद महानगर के रूप में तेजी से विकसित हो रही है, जहां ऊंची इमारतों का निर्माण शहर की बदलती पहचान का प्रतीक बन रहा है। पश्चिमी हैदराबाद के कोकापेट, गचीबाउली और चंपापेट जैसे इलाकों में नए और महत्वाकांक्षी आवासीय एवं व्यावसायिक हाईराइज प्रोजेक्ट शहर के क्षितिज को नया आकार दे रहे हैं। इनमें प्रस्तावित ट्रंप टावर्स, गचीबाउली का स्काईव्यू और चंपापेट का नमिश्री ट्विन टावर्स जैसी परियोजनाएं विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
वर्ष 2024 में जहां हैदराबाद में लगभग 100 हाईराइज इमारतों को मंजूरी मिली थी, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई। पश्चिमी हैदराबाद में कई परियोजनाएं 60 मंजिल या उससे भी अधिक ऊंचाई तक जा रही हैं, जो शहर के वर्टिकल विकास की तीव्र गति को दर्शाती हैं। जमीन की बढ़ती कीमतों, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कॉर्पोरेट क्षेत्र के विस्तार तथा प्रीमियम आवास की बढ़ती मांग ने शहर को ऊंची इमारतों के निर्माण की ओर अग्रसर किया है।
कोकापेट में ट्रंप टावर्स: लक्जरी का नया केंद्र
कोकापेट, हैदराबाद के सबसे तेजी से विकसित होने वाले रियल एस्टेट क्षेत्रों में से एक है, जहां ट्रंप टावर्स हैदराबाद परियोजना को लेकर विशेष उत्साह है। यह परियोजना ट्रंप ऑर्गनाइजेशन की भारत में सबसे बड़ी लग्जरी आवासीय परियोजना बनने जा रही है और दक्षिण भारत में उनकी पहली बड़ी परियोजना होगी। इस परियोजना का विकास कोकापेट के तेजी से उभरते लक्जरी रियल एस्टेट कॉरिडोर में किया जा रहा है, जो पहले से ही कई ऊंची आवासीय इमारतों और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स का घर है। इससे कोकापेट हैदराबाद के नए स्काईलाइन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।
गचीबाउली का स्काईव्यू: आईटी कॉरिडोर का अहम हिस्सा
गचीबाउली में स्काईव्यू परियोजना शहर के आधुनिक वाणिज्यिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। स्काईव्यू 10 और 20 जैसे टावरों के माध्यम से, यह क्षेत्र आईटी कंपनियों, कॉरपोरेट कार्यालयों और अत्याधुनिक व्यावसायिक सुविधाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। गचीबाउली और इसके आसपास का इलाका हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर का एक अभिन्न अंग है। यहां लगातार बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ ऊंची इमारतों की मांग में भी वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र एक गतिशील वाणिज्यिक परिदृश्य का निर्माण कर रहा है।
चंपापेट में 22 मंजिला नमिश्री ट्विन टावर्स
आवासीय क्षेत्र में, नमिश्री ट्विन टावर्स चंपापेट की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। डेवलपर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में दो 22 मंजिला टावर शामिल हैं, जिनमें कुल 504 आवासीय इकाइयों का प्रस्ताव है। यह परियोजना लगभग तीन एकड़ के क्षेत्र में विकसित की जा रही है और इसमें 2, 2.5 तथा 3 बीएचके के फ्लैट उपलब्ध होंगे। नमिश्री ट्विन टावर्स में क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, जिम, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और लैंडस्केप गार्डन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। डेवलपर के अनुसार, यह परियोजना वर्तमान में निर्माणाधीन है।
अयप्पा सोसाइटी की कार्रवाई: अवैध निर्माण पर सवाल
हैदराबाद में ऊंची इमारतों के तेजी से हो रहे निर्माण के बीच, प्रशासन अवैध और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ भी सख्ती बरत रहा है। हाल ही में, अयप्पा सोसाइटी, माधापुर में तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश के तहत HYDRAA द्वारा सात मंजिला अवैध इमारत को ध्वस्त किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि सोसाइटी में कई अन्य निर्माण भी अवैध हैं और इन मामलों को ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) के समक्ष उठाया जाएगा। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कई शहरों में अवैध हाईराइज निर्माण को लेकर चिंताएं व्यक्त की जाती रही हैं। हालांकि, अयप्पा सोसाइटी की कार्रवाई को नोएडा के ट्विन टावर विध्वंस से सीधी तुलना करना उचित नहीं है, क्योंकि दोनों मामलों की कानूनी और तथ्यात्मक परिस्थितियां भिन्न हैं।
हैदराबाद की नई पहचान: ऊंची इमारतों से बदलता स्काईलाइन
कोकापेट, गचीबाउली, तेल्लापुर, नल्लागंडला और उस्मान नगर जैसे इलाकों में लगातार नए हाईराइज प्रोजेक्ट्स के सामने आने से हैदराबाद का स्काईलाइन तेजी से बदल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, हैदराबाद में वर्तमान में लगभग 1,800 हाईराइज इमारतें हैं, जो इसे दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक संख्या में से एक बनाती है। ट्विन टावर जैसी परियोजनाएं न केवल आवासीय या व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करती हैं, बल्कि वे शहर की बदलती वास्तुकला और बढ़ते आर्थिक महत्व को भी प्रदर्शित करती हैं। आगामी वर्षों में, जैसे-जैसे नए हाईराइज प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे, हैदराबाद का क्षितिज और भी ऊंचा और आधुनिक दिखाई देने की उम्मीद है, जो इसे एक वैश्विक महानगर के रूप में स्थापित करेगा।
