ग्वालियर: ऋषि गालव विश्वविद्यालय में 5000 पौधे लगाने का महा-अभियान 1 अगस्त को
ऋषि गालव विश्वविद्यालय 1 अगस्त को वृक्षोत्सव 2026 के तहत 5000 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस प्रयास में शहर के गणमान्य नागरिक, संत, शिक्षक और विद्यार्थी सहभागी होंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 30 जुलाई 2026
ग्वालियर के ऋषि गालव विश्वविद्यालय में 1 अगस्त, 2026 को एक विशाल वृक्षोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य दो घंटे के भीतर परिसर में 5000 से अधिक पौधे लगाना है। यह आयोजन मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय के स्थल विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस पहल के प्रति गहरा उत्साह व्यक्त किया है, जिससे पूरा परिसर हरा-भरा और सुरक्षित हो सकेगा।
वृक्षोत्सव 2026 के लिए विश्वविद्यालय परिसर की सीमाओं पर तार फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है और वृक्षारोपण के लिए गड्ढे भी तैयार कर लिए गए हैं। आवश्यक पौधे और खाद-पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। 1 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से पौधारोपण का कार्य शुरू होगा, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों, आचार्यों, संतों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की भागीदारी अपेक्षित है। विश्वविद्यालय को बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों और संतों से कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
पौधों की निरंतर देखभाल का प्रबंध
वृक्षारोपण के पश्चात लगाए गए पौधों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि रोपे गए सभी पौधे जीवित रहें। इसके लिए, पूरे वर्ष उनकी देखभाल हेतु समर्पित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि परिसर में लगाया गया हरा-भरा क्षेत्र बना रहे और पर्यावरण शुद्धता में योगदान दे सके।
एक अविस्मरणीय पहल
पौधारोपण प्रभारी डॉक्टर पाठक और डॉक्टर संजय पांडे ने इस वृक्षोत्सव 2026 को एक 'अविस्मरणीय पहल' बताया है। उनका मानना है कि ग्वालियर में संभवतः यह पहला अवसर होगा जब कोई एक संस्था मात्र दो घंटे के भीतर इतने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का कार्य करेगी। उन्होंने पर्यावरण को शुद्ध करने की दिशा में इस महत्वपूर्ण प्रयास में सभी से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह अभियान न केवल विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
