ग्वालियर: पुरानी रंजिश में स्कूल बस चालक पर गोलीबारी, तीन गिरफ्तार
ग्वालियर में 12 सितंबर 2026 को स्कूल बस चालक खेम सिंह यादव पर जानलेवा हमला हुआ। पुरानी रंजिश में तीन आरोपियों ने बस रुकवाकर चालक...

Gwalior | संवाददाता: दीपेंद्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 12 सितंबर 2026
ग्वालियर जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में 12 सितंबर 2026 को एक स्कूल बस चालक पर जानलेवा हमला किया गया। ग्लोरियश स्कूल टेकनपुर की बस के चालक खेम सिंह यादव को ग्राम सलैया के निकट वेयर हाउस पुलिया के पास स्विफ्ट कार सवार हमलावरों ने रोका। आरोपियों ने बस के हेल्पर से धक्का लगवाने के बहाने का उपयोग करते हुए चालक को बस से नीचे उतरने के लिए मजबूर किया। जैसे ही खेम सिंह नीचे उतरे, कार में सवार लोगों ने उन पर कट्टे से दो से तीन गोलियां चला दीं, जिसमें वे घायल हो गए।
हमले के पीछे पुरानी रंजिश का खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में इस हमले के पीछे एक पुरानी रंजिश का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, अर्जुन उर्फ भीमा यादव, का मानना था कि वर्ष 2022 में उसके भाई श्रीकृष्ण यादव की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, और उस समय खेम सिंह यादव घायल अवस्था में उसे छोड़कर घटनास्थल से भाग गया था। इसी घटना से उपजी रंजिश का बदला लेने के उद्देश्य से अर्जुन और उसके साथियों ने इस जानलेवा हमले की योजना बनाई थी।
त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देशन में पुलिस की विशेष टीमों ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त, मुखबिरों से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने नाका चंद्रबदनी के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को स्विफ्ट कार सहित गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्जुन उर्फ भीमा यादव, अभिषेक यादव और शिवम यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया है।
एक आरोपी की तलाश जारी
हालांकि तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, पुलिस अभी भी एक अन्य साथी, राहुल यादव, की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं और उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच, स्थानीय थानों के प्रभारियों और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित करने के साथ-साथ आरोपियों के संभावित छिपने के ठिकानों पर भी दबिश दी थी।
घायल चालक की स्थिति और कानूनी कार्रवाई
इस घटना में घायल हुए बस चालक खेम सिंह यादव का उपचार डबरा स्थित अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना को आगे बढ़ाया है। पुलिस विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके पास से बरामद किए गए अवैध हथियारों के स्रोत की भी गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अभिषेक और शिवम यादव के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। पुलिस महानिरीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीमों के गठन का निर्देश दिया था।
