ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का शुभारंभ: शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की ओर एक कदम
मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का शुभारंभ 4 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। वृक्षारोपण अभियान भी जारी है।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 22 अगस्त 2026
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मध्य भारत शिक्षा समिति ने ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया है। इस नवोदित शैक्षणिक संस्थान का उद्घाटन प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 मई 2026 को अपने कर-कमलों से किया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में नवीनता लाना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर उतारना है।
विश्वविद्यालय के शहर कार्यालय का शुभारंभ भी गत माह माधव महाविद्यालय परिसर में स्थित नवनिर्मित भवन में संपन्न हो चुका है, जो विश्वविद्यालय की प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक केंद्रीय बिंदु के रूप में कार्य करेगा। यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।
हरित भविष्य के लिए विश्वविद्यालय की पहल
ऋषि गालव विश्वविद्यालय परिसर में 'वृक्षोत्सव 2026' के तहत एक बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत, विश्वविद्यालय परिसर में मात्र दो घंटे की अवधि में 5,000 से अधिक पौधे रोपने का पुनीत कार्य शहर के विशिष्ट नागरिकों, विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों और विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल न केवल विश्वविद्यालय को हरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का भी एक प्रयास है।
वृक्षारोपण का यह कार्य अगस्त माह में भी लगातार जारी है। शहर के प्रतिष्ठित नागरिक और विभिन्न संस्थाएं विश्वविद्यालय परिसर में आकर स्वेच्छा से वृक्षारोपण कर रही हैं। इसी क्रम में, गुरुद्वारा दाता बन्दी छोड़ से श्री मोहन सिंह जी के नेतृत्व में कारसेवकों के एक दल ने विगत दिवस 150 से अधिक पौधों का रोपण किया। इस महत्वपूर्ण कार्य में माधव महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय पांडे, एनसीसी अधिकारी प्रोफेसर मुलायम सिंह, डॉ. नरेश त्यागी और राघवेंद्र चौहान जैसे शिक्षाविदों और कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग प्रदान किया, जो इस नेक कार्य में सामुदायिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
सतत विकास का संकल्प
मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र बांदिल ने विश्वविद्यालय परिसर को पूर्णतः हरित बनाने तक इस वृक्षारोपण कार्य को सतत जारी रखने का संकल्प लिया है। उनके इस संकल्प को पूरा करने के लिए समस्त जन मिलकर कार्य कर रहे हैं, जो विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ-साथ एक स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल वातावरण निर्मित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रयास राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समग्र विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो न केवल अकादमिक उत्कृष्टता पर बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर भी बल देता है।
