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ग्वालियर की जुड़वा बहनों ने लूटेरे को दबोचा, पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित

ग्वालियर में कॉलेज जा रही जुड़वा बहनों अर्शिता और राशिता अग्रवाल ने मोबाइल लुटेरे का पीछा कर उसे सड़क पर गिराकर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लूटा गया मोबाइल बरामद किया।

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ग्वालियर की जुड़वा बहनों ने लूटेरे को दबोचा, पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 9 अगस्त 2026

ग्वालियर शहर में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को मोबाइल लूट की एक घटना को दो जुड़वा बहनों ने अपनी सूझबूझ और साहस से नाकाम कर दिया। पड़ाव थाना क्षेत्र में बाइक सवार एक बदमाश ने मोबाइल झपटकर भागने की कोशिश की, लेकिन दोनों बहनों ने स्कूटी से उसका पीछा किया और जाम में फंसने पर उसकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में लुटेरा सड़क पर गिर गया, जिसके बाद बहनों ने उसे दबोच लिया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और लूटा गया मोबाइल बरामद किया। घटना के बाद ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) धर्मवीर सिंह ने इन दोनों बहनों को उनके साहस के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।

यह घटना तब हुई जब मुरार की सीपी कॉलोनी निवासी अर्शिता और राशिता अग्रवाल, जो कानून की छात्राएं हैं, अपनी स्कूटी से कॉलेज के लिए रवाना हुई थीं। शनिवार दोपहर वे पड़ाव क्षेत्र में नए पुल के पास पहुंची थीं। एक बहन स्कूटी चला रही थी, जबकि दूसरी पीछे बैठी थी और उसके हाथ में मोबाइल था। तभी पीछे से बाइक पर आए एक युवक ने तेजी से आकर पीछे बैठी राशिता के हाथ से मोबाइल छीन लिया और फूलबाग की ओर भागने लगा।

बहादुरी से लुटेरे का पीछा और गिरफ्तारी

अचानक हुई इस घटना के बावजूद, दोनों बहनों ने घबराने के बजाय तत्काल लुटेरे का पीछा शुरू कर दिया। लुटेरा तेजी से बाइक भगाकर निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कुछ ही देर में वह आगे लगे ट्रैफिक जाम में फंस गया। वह फूलबाग की ओर जाने वाले रास्ते पर लगे जाम में फंसा था, जिससे उसकी गति धीमी हो गई। यह मौका देखकर अर्शिता और राशिता ने अपनी स्कूटी को सीधे लुटेरे की बाइक के पिछले हिस्से में भिड़ा दिया।

टक्कर लगते ही बाइक सवार लुटेरा सड़क पर गिर पड़ा। दोनों बहनों ने तुरंत उसे पकड़ा और वहीं रोक लिया। लुटेरा तत्काल उठने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बहनों ने उसे मजबूती से पकड़ लिया। कुछ ही देर में आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ को जब घटना की जानकारी हुई कि यह युवक मोबाइल लूटकर भाग रहा था, तो उन्होंने भी पुलिस के आने तक लुटेरे को काबू में रखने में बहनों की मदद की। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 के माध्यम से पड़ाव थाना पुलिस को दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया और उसके पास से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया।

पंजाब का रहने वाला है आरोपी, आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच जारी

प्रारंभिक जांच में पकड़े गए लुटेरे की पहचान मनप्रीत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से पंजाब का निवासी है और वर्तमान में ग्वालियर में रहकर फूड डिलीवरी का काम कर रहा था। पुलिस अब मनप्रीत के आपराधिक इतिहास का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसके लिए पंजाब पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि उसके पुराने रिकॉर्ड, आपराधिक मामलों और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मनप्रीत ने इससे पहले ग्वालियर में इसी तरह की कोई अन्य वारदातें की हैं और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस अपराध में शामिल था। इस पूछताछ के माध्यम से पुलिस शहर में ऐसे अन्य संभावित अपराधों का भी खुलासा करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्मान, सार्वजनिक चर्चा का विषय

दोनों बहनों, अर्शिता और राशिता अग्रवाल, के इस साहसिक कार्य की पुलिस अधिकारियों ने खूब सराहना की है। जब इस घटना की जानकारी ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) धर्मवीर सिंह को मिली, तो उन्होंने तत्काल दोनों बहनों को अपने कार्यालय बुलाया। एसपी धर्मवीर सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके अदम्य साहस, त्वरित प्रतिक्रिया और अपराध से लड़ने की भावना की प्रशंसा की। पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इन बहनों ने न केवल अपनी सतर्कता और समझदारी से एक गंभीर अपराध को होने से रोका, बल्कि उन्होंने अपराधी को पकड़वाने में भी पुलिस की प्रत्यक्ष सहायता की, जो एक अत्यंत सराहनीय कदम है।

मोबाइल लुटेरे को पकड़ने वाली इन जुड़वा बहनों की बहादुरी की कहानी अब पूरे ग्वालियर शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह घटना इस बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे सामान्य नागरिक, विशेष रूप से युवा महिलाएं, अपनी सतर्कता, साहस और सूझबूझ से अपराधियों के इरादों को मौके पर ही नाकाम कर सकते हैं और समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। अर्शिता और राशिता ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और त्वरित कार्रवाई किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है।