ग्वालियर एसएसपी ने 'ए नेगेटिव' ब्लड डोनेट कर बचाई 16 वर्षीय बच्ची की जान
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने देर रात जयारोग्य अस्पताल में भर्ती 16 वर्षीय बच्ची के लिए दुर्लभ 'ए नेगेटिव' ब्लड डोनेट कर उसकी जान बचाई।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 10 अगस्त 2026
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह ने एक मानवीय कार्य करते हुए देर रात जयारोग्य अस्पताल में भर्ती एक 16 वर्षीय बच्ची की जान बचाई। दुर्लभ 'ए नेगेटिव' ब्लड ग्रुप की तत्काल आवश्यकता होने पर, खुद एसएसपी अस्पताल पहुंचकर रक्तदान करने पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी और उसे तत्काल डायलसिस की आवश्यकता थी, जिसके लिए 'ए नेगेटिव' ब्लड की सख्त जरूरत थी। देर रात होने के कारण ब्लड बैंक और अन्य संपर्कों के माध्यम से भी यह दुर्लभ रक्त समूह उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। ऐसे में डॉक्टरों के सामने समय की कमी एक बड़ी चुनौती थी।
दुर्लभ रक्त समूह की तत्काल आवश्यकता
जब मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ और अस्पताल के डॉक्टरों के बीच बच्ची की स्थिति पर चर्चा हो रही थी, तब यह पता चला कि एसएसपी धर्मवीर सिंह का ब्लड ग्रुप भी 'ए नेगेटिव' है। डॉक्टरों ने संकोच के साथ एसएसपी से संपर्क साधा और स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना एक पल की देरी किए सीधे जयारोग्य अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचकर अपना रक्त दान किया। उनके इस तत्पर योगदान से बच्ची का इलाज समय पर शुरू हो सका और उसकी जान बचाई जा सकी।
सामाजिक सराहना और आभार
मूल रूप से मथुरा के रहने वाले एसएसपी धर्मवीर सिंह के इस संवेदनशील कदम की सूचना फैलते ही पूरे ग्वालियर शहर में उनकी सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके इस कार्य की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। बच्ची के परिजनों ने भावुक होकर एसएसपी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्दी के पीछे छिपी ऐसी संवेदनशीलता समाज की आधी समस्याओं को स्वतः ही हल कर सकती है।
जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने एसएसपी के इस कार्य को एक मिसाल बताते हुए कहा कि उनके समय पर हस्तक्षेप से बच्ची के इलाज में गंभीर देरी को टाला जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि एसएसपी की इस पहल से आम लोगों में भी रक्तदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा बढ़ेगी।
इंसानियत का कर्तव्य: एसएसपी धर्मवीर सिंह
इस संबंध में एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा, "जब मुझे पता चला कि बच्ची की हालत गंभीर है और रात के समय कहीं 'ए-नेगेटिव' ब्लड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो मैंने बिना सोचे तुरंत अस्पताल जाने का फैसला किया। यह कोई एहसान नहीं, बल्कि इंसानियत के नाते मेरा कर्तव्य था।"
