ग्वालियर-चंबल रेल लाइन का वीरपुर तक विस्तार, अंचल के विकास को मिलेगी गति
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर आमान परिवर्तन का उद्घाटन किया। ग्वालियर-कैलारस ट्रेन अब वीरपुर तक चलेगी, जिससे 100 से अधिक गांव लाभान्वित होंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 18 अगस्त 2026
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेल खंड के ब्रॉडगेज में परिवर्तित होने का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर ग्वालियर-कैलारस ट्रेन सेवा के वीरपुर तक विस्तार को भी हरी झंडी दिखाई गई, जिससे ग्वालियर-चंबल अंचल में रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और विकास की नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह उद्घाटन पश्चिम मध्य रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के निवासियों को सीधे तौर पर लाभान्वित करेगी, जिससे उनकी यात्रा सुगम, सुरक्षित और किफायती हो जाएगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच में सुधार होगा, साथ ही स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए नई रेल संपर्क की शुरुआत
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में इस 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-वीरपुर खंड के आमान परिवर्तन को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इससे मुरैना जिले की बानमोर, जौरा, कैलारस, सबलगढ़ और श्योपुर जिले की वीरपुर, श्योपुर तथा कराहल तहसीलों के 100 से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस रेल लाइन का विस्तार आगे श्योपुर कलां और अंततः कोटा तक किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्रों से जुड़ सकेगा।
ग्वालियर-कैलारस ट्रेन सेवा के वीरपुर तक विस्तार से वीरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ सीधे ग्वालियर से जुड़ गए हैं। यह सुविधा ग्रामीण और जनजातीय अंचलों के यात्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो अक्सर दूरदराज के इलाकों में रहते हैं और जिन्हें बेहतर सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता होती है। बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से स्थानीय निवासियों के लिए शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हो जाएगी, जो क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
परियोजना के चरणबद्ध कार्यान्वयन का विवरण
इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को विभिन्न चरणों में पूरा किया गया है और यात्री यातायात के लिए खोला गया है: * बिरलानगर से रायरू (11 किमी) - मई 2023 में चालू किया गया। * रायरू से सुमावली (22 किमी) - अगस्त 2023 में चालू किया गया। * सुमावली से जौरा (14 किमी) - नवंबर 2023 में यातायात के लिए खोला गया। * जौरा से कैलारस (14 किमी) - फरवरी 2024 में चालू किया गया। * कैलारस से सबलगढ़ (29 किमी) - वर्ष 2025 में यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। * सबलगढ़ से वीरपुर (27 किमी) - वर्ष 2026 में यातायात के लिए खोला गया।
रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वीरपुर से सेरोनी रोड (37 किमी) और सेरोनी रोड से श्योपुर कलां (33 किमी) तक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि आगामी कुछ ही महीनों में संपूर्ण ग्वालियर-श्योपुर कलां रेल लाइन जनता को समर्पित कर दी जाएगी, जिससे इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होगा।
मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास को नई दिशा
श्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य के लिए वार्षिक रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां 2009-14 के दौरान औसत बजट ₹632 करोड़ था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर ₹15,188 करोड़ हो गया है, जो लगभग 24 गुना वृद्धि दर्शाता है। वर्तमान में, राज्य में लगभग ₹1.55 लाख करोड़ की लागत वाली रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और पुनर्विकास किया जा रहा है। राज्य में 5 वंदे भारत और 7 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं। श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि 2014 से अब तक भारतीय रेलवे में 5.54 लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं, जिससे रोजगार सृजन में मदद मिली है। संपूर्ण विद्युतीकरण की ओर बढ़ते कदम ने डीजल और आयातित ईंधन पर निर्भरता को काफी कम कर दिया है।
क्षेत्रीय नेताओं का स्वागत और भविष्य की योजनाएं
केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस अवसर को ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए 'ऐतिहासिक' बताया। उन्होंने कहा कि कैलारस खंड से प्रतिदिन लगभग 10,000 लोग लाभान्वित हो रहे थे, और अब वीरपुर तक विस्तार से यह लाभ बड़े पैमाने पर जनता तक पहुंचेगा। उन्होंने इस रेल संपर्क को केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकास और आधुनिक सेवाओं का एक 'सेतु' बताया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विकास का स्वागत करते हुए कहा कि मनमाड-इंदौर नई लाइन और चंबल क्षेत्र का रेल विस्तार ग्वालियर-चंबल और मालवा अंचल को मजबूती से जोड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे एक नया औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होगा, जो बैटरी एनर्जी स्टोरेज, फुटवियर, हाइड्रोजन मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों को बड़ा संबल प्रदान करेगा।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुरैना सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर सहित कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
