गुरु पूर्णिमा: श्री जमात मंदिर में 29 जुलाई को श्रद्धा-भक्ति का संगम
नगर के प्राचीन श्री जमात मंदिर में 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन होगा। ठाकुर जी का दिव्य श्रृंगार, गुरु मंत्र दीक्षा...

द क्लिफ न्यूज़ | 27 जुलाई 2026
नगर के प्राचीन श्री जमात मंदिर में आगामी 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा का महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु परंपरा के निर्वहन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर को इस पावन अवसर पर विशेष रूप से अलंकृत किया जाएगा।
महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में से एक ठाकुर जी का दिव्य श्रृंगार होगा, जिसके लिए विशेष पोशाक मथुरा से मंगवाई गई है। रजत आभूषणों, मनोहारी पुष्प सज्जा और आकर्षक श्रृंगार से सुसज्जित ठाकुर जी का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिससे उन्हें दिव्य दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
गुरु परंपरा का स्मरण और मंत्र दीक्षा
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव की पावन समाधि पर चरण पादुका पूजन के साथ किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु गुरुचरणों में पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और गुरु-शिष्य परंपरा का स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके पश्चात, प्रातः 10:00 बजे से श्री जमात के महंत श्री दीपेंद्र दास जी द्वारा ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव की पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं को गुरु मंत्र दीक्षा प्रदान की जाएगी। यह दीक्षा साधकों को आध्यात्मिक जीवन की दिशा, गुरु कृपा और आत्मिक उन्नति का अमूल्य अवसर प्रदान करेगी।
सामुदायिक सहभागिता और अपील
मंदिर महंत श्री दीपेंद्र दास जी ने नगर एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं गुरु भक्तों से गुरु पूर्णिमा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर ठाकुर जी के दिव्य दर्शन, गुरु पूजन एवं गुरु मंत्र दीक्षा का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। उन्होंने इस आयोजन को गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और भारतीय सनातन गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति आस्था व्यक्त करने का पावन अवसर बताया।
दो दिवसीय उत्सव के सफल आयोजन में विनोद नामदेव, करण सिंह कुशवाहा, कैलाश साहू, चुन्नीलाल कुशवाहा, दिलीप मेवाड़, राजेश साहू, अरुण कुशवाहा, पीयूष शर्मा, माधव गुप्ता, सुदामा कुशवाह, ओम श्रीवास और केशव कुशल यश अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, आध्यात्मिक चेतना और गुरु कृपा का एक अनुपम संगम बनने की उम्मीद है।
