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गुरु पूर्णिमा: आशुतोष महाराज ने बताया सद्गुरु को ईश्वर तक पहुंचने का माध्यम

दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी ने गुरु पूर्णिमा पर सद्गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि सद्गुरु ही ज्ञान, धन और ईश्वर प्राप्ति का सच्चा सेतु हैं।

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गुरु पूर्णिमा: आशुतोष महाराज ने बताया सद्गुरु को ईश्वर तक पहुंचने का माध्यम

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 24 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक एवं प्रमुख दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी ने सद्गुरु और शिष्य के बीच के दिव्य संबंध पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह वह अनूठा रिश्ता है जिसमें मां का स्नेह, पिता का मार्गदर्शन, मित्र का साथ और भाई-बहन का अपनत्व सब कुछ समाहित होता है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि गुरु ही सब कुछ हैं, वे ही सच्चे ज्ञान, वास्तविक धन और ईश्वर तक पहुंचने का एकमात्र माध्यम हैं।

महाराज जी के संदेश में बताया गया कि एक सद्गुरु ही शिष्य के अंतर्मन में परम सत्य का साक्षात्कार कराने में सक्षम होते हैं। आत्मज्ञान की प्राप्ति से ही मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य, अपने अस्तित्व और परमात्मा से अपने संबंध को समझ पाता है। यह ज्ञान अज्ञानता के अंधकार को दूर कर जीवन में आनंद, शांति और दिव्यता का संचार करता है।

ईश्वर स्वरूप गुरु की महत्ता

दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी ने इस बात पर जोर दिया कि जो गुरु अपने साधक को उसके भीतर विराजमान परमात्मा का अनुभव करा देते हैं, वे स्वयं ईश्वर के स्वरूप होते हैं। ऐसे गुरु के अमूल्य उपकार का प्रतिदान संसार की कोई भी वस्तु नहीं कर सकती। इसीलिए शिष्य का जीवन सदैव गुरु के प्रति कृतज्ञता, अगाध श्रद्धा और पूर्ण समर्पण से ओत-प्रोत रहता है।

गुरु पूर्णिमा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा का पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास की स्मृति में व्यास पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शिष्यों ने गुरु वंदना की इस पावन परंपरा की शुरुआत की थी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने गुरु पूर्णिमा को आध्यात्मिक साधकों के लिए आत्मचिंतन, नए संकल्प लेने, श्रद्धा बढ़ाने और गुरु की आज्ञा का पालन करने का एक विशेष अवसर बताया।

यह दिन साधना के मार्ग पर अपने उत्साह और समर्पण को पुनः जागृत करने तथा प्रत्येक श्वास को प्रभु नाम से जोड़ने का संदेश देता है। संस्थान ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति अभी तक आध्यात्मिक दीक्षा से नहीं जुड़े हैं, उनके लिए गुरु पूर्णिमा सत्य की खोज और आत्मज्ञान की ज्योति प्रज्वलित करने की प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मंगलमय जीवन की कामना

गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान परिवार ने सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों के सुख, शांति, आध्यात्मिक उन्नति और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के आशीर्वाद का संदेश प्रेषित किया।