‘गूंगी गुड़िया’ पर सुनेत्रा पवार का जवाब: "समय आने पर दूंगी करारा जवाब"
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस की 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि समय आने पर वह करारा जवाब देंगी। इस मामले ने राज्य की राजनीति में विवाद गहरा दिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | मुंबई | 5 अगस्त 2026
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस द्वारा उन पर की गई 'गूंगी गुड़िया' की टिप्पणी पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि "जब समय आएगा, मैं करारा जवाब दूंगी।" मंगलवार, 4 अगस्त को यह बयान तब सामने आया जब इस अपमानजनक टिप्पणी को लेकर राज्य की राजनीति में विवाद लगातार गहराता जा रहा है।
यह विवाद महाराष्ट्र कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर सुनेत्रा पवार के लिए 'गूंगी गुड़िया' शब्द का प्रयोग किया गया था। इस पोस्ट के बाद सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और उसके सहयोगी दलों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
राकांपा की कड़ी निंदा और माफी की मांग
राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने एक बयान जारी कर सुनेत्रा पवार के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, जो छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. भीमराव आंबेडकर और यशवंतराव चव्हाण जैसे प्रगतिशील नेताओं के विचारों का अनुसरण करता है, महिलाओं के अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस से इस विवादित पोस्ट को तत्काल हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने इस बात पर दुर्भाग्य व्यक्त किया कि कांग्रेस जैसी पार्टी, जिसका नेतृत्व सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा जैसी महिला नेता करती हैं, एक महिला जनप्रतिनिधि के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में महिलाओं का किसी भी परिस्थिति में अपमान स्वीकार्य नहीं होगा।
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर राकांपा का प्रदर्शन
इस विवाद के बढ़ने के साथ ही, राकांपा कार्यकर्ताओं का एक समूह मुंबई स्थित कांग्रेस के गांधी भवन पहुंचा और विवादित पोस्ट के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से अविलंब माफी मांगने और पोस्ट को हटाने की मांग की।
कांग्रेस का पलटवार
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राकांपा के विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य हिंसा फैलाना था। सपकाल ने भाजपा और पुलिस पर भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस उकसावे के बावजूद महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर चलते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखती रहेगी।
राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी को तेज कर दिया है। एक ओर जहाँ राकांपा कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़ी हुई है, वहीं कांग्रेस अपने रुख का बचाव कर रही है और सत्ता पक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है, जिससे प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है।
