गुना से वाराणसी-गया के लिए 259 श्रद्धालुओं का दल रवाना
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 259 श्रद्धालु शनिवार शाम गुना रेलवे स्टेशन से वाराणसी और गया के लिए रवाना हुए। यह यात्रा 1 अक्टूबर...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 27 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत, मध्य प्रदेश के गुना से 259 श्रद्धालुओं का एक दल शनिवार शाम को वाराणसी और गया की आध्यात्मिक यात्रा पर रवाना हुआ। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष तीर्थ यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पांच अनुरक्षक भी दल के साथ भेजे गए हैं। यह छह दिवसीय तीर्थ यात्रा 26 सितंबर को प्रारंभ होकर 1 अक्टूबर तक संचालित की जाएगी।
गुना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के उत्साह का माहौल था, जहाँ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों ने उन्हें माल्यार्पण कर भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार, नगरपालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता और ज्वाइंट कलेक्टर संजीव खेमरिया ने श्रद्धालुओं से संवाद किया। अधिकारियों ने यात्रा के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी ली और सभी यात्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि उनकी यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो सके।
यात्रियों का उत्साह और प्रशासन की तैयारी
स्टेशन परिसर में रवाना होने वाले यात्रियों के चेहरों पर खुशी और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला प्रशासन द्वारा की गई सुविधाओं को लेकर यात्रियों ने संतोष व्यक्त किया। यात्रियों की सुविधा के लिए भोजन, रहने की व्यवस्था और यात्रा के दौरान आवागमन को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पाँच अनुरक्षकों की तैनाती यह सुनिश्चित करेगी कि यात्रा के हर चरण में यात्रियों को सहायता मिलती रहे। यह पहल विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी उम्र या अन्य कारणों से स्वयं तीर्थ यात्रा का प्रबंध करने में असमर्थ होते हैं।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: एक व्यापक पहल
यह यात्रा सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को, देश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की तीर्थयात्रा का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी आसानी से उन पवित्र स्थानों के दर्शन कर पाते हैं जिनका वे लंबे समय से सपना देखते रहे हैं। इस बार वाराणसी और गया जैसे प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को चुना गया है, जो भगवान शिव और भगवान बुद्ध की तपस्थली के रूप में विख्यात हैं।
धार्मिक महत्व और यात्रा का कार्यक्रम
वाराणसी, जिसे 'काशी' के नाम से भी जाना जाता है, भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है और गंगा नदी के किनारे स्थित है। यह शहर अपने घाटों, मंदिरों और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विश्व प्रसिद्ध है। वहीं, गया एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थल है, जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था और यह पिंडदान के लिए भी एक प्रमुख स्थान है। छह दिवसीय इस यात्रा में श्रद्धालुओं को इन दोनों शहरों के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा। रेलवे स्टेशन पर मौजूद विभागीय अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया है कि यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें सुरक्षा, स्वास्थ्य और खान-पान का विशेष ध्यान रखा गया है।
