गुना: राशन विक्रेता पर कालाबाजारी का केस दर्ज, 101 क्विंटल गेहूं गायब
गुना जिले में खाद्यान्न की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन सख्त है। आरोन तहसील की बनवीरखेड़ी शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पर 101 क्विंटल गेहूं...

गुना / आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 8 सितंबर 2026
गुना जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितताओं और खाद्यान्न की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के स्पष्ट निर्देशों के बाद, आरोन तहसील की बनवीरखेड़ी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता धर्मेंद्र लोधी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पुलिस थाना आरोन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विक्रेता पर आवंटित खाद्यान्न की हेराफेरी कर उसे बाजार में बेचने का गंभीर आरोप है।
आरोन के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि विक्रेता ने दुकान के लिए आवंटित खाद्यान्न का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया है। इस दुरुपयोग के तहत 101.28 क्विंटल गेहूं, 23.96 क्विंटल चावल और 23 किलोग्राम शक्कर का खुर्दबुर्द किया गया है। इस अपयोजित खाद्यान्न की अनुमानित आर्थिक लागत 3,99,910 रुपये बताई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को मिलने वाली सरकारी सहायता प्रभावित हुई है।
जांच रिपोर्ट और नोटिस
इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, आरोन ने विक्रेता धर्मेंद्र लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, विक्रेता द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना गया। जांच में खाद्यान्न के अपयोजन और कालाबाजारी के आरोप पुष्ट होने के बाद, प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की। इसी क्रम में, 8 सितंबर 2026 को आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
जिले में राशन दुकानों पर कार्रवाई जारी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले में राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले भी अगस्त और सितंबर 2026 के माह में वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर तीन अन्य राशन दुकानों के संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों के हक का अनाज हड़पने या कालाबाजारी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी के लिए भविष्य में भी औचक निरीक्षण और जांच का क्रम जारी रहेगा, ताकि कालाबाजारी को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
