गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महाराष्ट्र से गबन का आरोपी गिरफ्तार, 19 लाख फ्रीज
गुना पुलिस ने नानाखेड़ी मंडी में 1 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के आरोपी सुनील शंकर पवार को महाराष्ट्र के सोलापुर से गिरफ्तार किया। उसके खाते से 19 लाख रुपये भी फ्रीज कराए गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 19 अगस्त 2026
गुना पुलिस ने कृषि उपज मंडी में धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी सुनील शंकर पवार पर नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी के गल्ला व्यापारियों से गेहूं खरीद के एवज में 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन करने का आरोप है। कैंट थाना पुलिस की तत्परता से की गई इस कार्रवाई में न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, बल्कि उसके बैंक खातों में जमा 19 लाख रुपये की राशि को भी फ्रीज करा दिया गया है। यह मामला गुना पुलिस के आर्थिक अपराधों के प्रति सख्त रवैये को एक बार फिर साबित करता है, जिसमें पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में जिले भर में ठगी और गबन जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब गल्ला व्यापारी संजीव कुमार जैन, शिवनारायण कुशवाह, महेन्द्र कुशवाह, रामकृष्ण रघुवंशी सहित अन्य व्यापारियों ने गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के समक्ष एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत कर सुनील शंकर पवार द्वारा की गई धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी, जो बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में सक्रिय था, पिछले लगभग दो महीनों से व्यापारियों से गेहूं खरीदने का व्यवसाय कर रहा था। इस दौरान, उसने विभिन्न व्यापारियों से बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदा। हालांकि, खरीदे गए गेहूं के एवज में उसने व्यापारियों को प्रारंभिक तौर पर कुछ आंशिक भुगतान किया, लेकिन शेष बड़ी राशि का भुगतान करने में टालमटोल करना शुरू कर दिया और अंततः भुगतान से इंकार कर दिया। इस प्रकार, कुल 1,02,78,889 रुपये की धोखाधड़ी की गई, जिससे कई व्यापारी आर्थिक रूप से प्रभावित हुए।
अंतर्राज्यीय गिरफ्तारी और धन की जब्ती
मामले की गंभीरता और पीड़ितों की विशाल संख्या को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने आरोपी सुनील पवार के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इन निर्देशों के अनुपालन में, कैंट थाना पुलिस ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 678/26, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया और उसकी तलाश में गंभीरता से जुट गई। विवेचना के दौरान, पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी सुनील पवार मूल रूप से महाराष्ट्र राज्य के सोलापुर जिले का निवासी है। इस सूचना के प्राप्त होते ही, कैंट थाने से एक विशेष पुलिस टीम को तत्काल सोलापुर के लिए रवाना किया गया, ताकि आरोपी को उसके गृह निवास स्थान पर पकड़ा जा सके।
गठित पुलिस टीम ने अत्यंत कुशलता और समर्पण के साथ सोलापुर में अपनी अंतर्राज्यीय कार्यकुशलता और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। कई दिनों के अथक प्रयासों और सघन तलाशी अभियान के बाद, पुलिस टीम सोलापुर में आरोपी सुनील पुत्र शंकर पवार (उम्र 45 वर्ष, निवासी मोहालताल, जिला सोलापुर, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार करने में सफल रही। गिरफ्तारी के बाद की प्रारंभिक जांच में, पुलिस ने आरोपी से जुड़े बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की। जांच में पाया गया कि आरोपी के इन बैंक खातों में कुल 19 लाख रुपये की राशि जमा थी। इस राशि को धोखाधड़ी का हिस्सा मानते हुए, पुलिस ने तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए इन बैंक खातों में मौजूद 19 लाख रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया है, ताकि यह राशि और अधिक हस्तांतरित न हो सके और भविष्य में पीड़ितों को उनकी राशि की वापसी में सहायता मिल सके।
आर्थिक अपराधों पर सख्त रुख
गुना पुलिस द्वारा जिले में बढ़ते आर्थिक अपराधों, जिनमें ठगी, धोखाधड़ी, गबन और जालसाजी शामिल हैं, के प्रति एक अत्यंत सख्त और शून्य-सहिष्णुता का रुख अपनाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, जिले भर में इन आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए विशेष अभियान निरंतर चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन और सीएसपी गुना आनंद राय के सक्रिय मार्गदर्शन में, कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी समर्पित टीम ने इस जटिल अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी के मामले को सुलझाने में अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया है।
फिलहाल, पुलिस द्वारा धोखाधड़ी की गई संपूर्ण राशि, आरोपी के विभिन्न बैंक खातों में हुए लेन-देन के विस्तृत ब्यौरे, तथा इस पूरी घटना से जुड़े अन्य सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों के संबंध में गहन और विस्तृत जांच की जा रही है। गुना पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल इन जघन्य आर्थिक अपराधों में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाना है, बल्कि पीड़ितों की मेहनत की कमाई और निवेश की गई राशि की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करना भी है। इसके अतिरिक्त, पुलिस आरोपियों द्वारा विभिन्न माध्यमों से अर्जित की गई अवैध संपत्ति और बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाकर उन्हें जब्त करने की दिशा में भी लगातार प्रयासरत है, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को अंजाम देने वालों के लिए एक मजबूत निवारक संदेश जाए।
टीम का सराहनीय योगदान
कैंट थाना पुलिस की इस अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय सफलता में, थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव के नेतृत्व में, उप-निरीक्षक (सउनि) बलवीर सिंह, प्रधान आरक्षक अशोक सरोज, आरक्षक राजू बघेल, आरक्षक नितेश पटेल, आरक्षक अभिनेष रघुवंशी और विशेष रूप से साइबर सेल से आरक्षक भूपेन्द्र खटीक की भूमिका अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय रही। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी निष्ठा, लगन, व्यावसायिकता और टीम वर्क के माध्यम से इस जटिल और अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी के मामले की परतों को खोला और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया, जो कि गुना पुलिस की कार्यक्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
