गुना पीजी कॉलेज में सीटें फुल, दाखिले से वंचित छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
गुना के पीजी कॉलेज में प्रमुख विषयों में सीटें न होने के कारण छात्र दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। डीएसओ ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 10 अगस्त 2026
गुना के स्नातकोत्तर (पीजी) कॉलेज सहित जिले के अन्य महाविद्यालयों में प्रमुख विषयों में सीटों की अनुपलब्धता के कारण दाखिले से वंचित छात्रों ने छात्र संगठन डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (डीएसओ) के नेतृत्व में कॉलेज प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी पसंदीदा विषयों में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर संकट मंडराने लगा है।
उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश हेतु 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर 10 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक अतिरिक्त सीएलसी (कंसलिंग) चरण शुरू किया गया है। इस अतिरिक्त चरण के माध्यम से जो छात्र अब तक प्रवेश से वंचित रह गए थे, वे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।
प्रमुख विषयों में सीटें भरने से छात्र परेशान
छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, कॉलेज के सभी प्रमुख विषयों में सीटें भर चुकी हैं। इनमें स्नातकोत्तर कक्षाओं में हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, जूलॉजी और बॉटनी जैसे विषय शामिल हैं। इसी प्रकार, स्नातक कक्षाओं में भी इन विषयों में प्रवेश के लिए स्थान उपलब्ध नहीं है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन करना चाहते हैं, जो उनका अधिकार है, लेकिन सीटों की कमी के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई बाधित होगी और वे अपने करियर की दिशा तय नहीं कर पाएंगे।
छात्रों ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि अगस्त माह का पहला सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अभी तक नियमित कक्षाएं लगना शुरू नहीं हुई हैं। छात्र जब कक्षाएं लेने कॉलेज पहुंचते हैं, तो उन्हें शिक्षकों की अनुपस्थिति का सामना करना पड़ता है। इसका एक प्रमुख कारण यह बताया जा रहा है कि अधिकांश शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया गया है, जैसे कि प्रवेश फॉर्म जमा करना, परीक्षा फॉर्म प्राप्त करना और परीक्षा के दौरान ड्यूटी देना। इन कार्यों में व्यस्तता के चलते शिक्षक अध्यापन कार्य पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं।
डीएसओ के पदाधिकारियों ने प्राचार्य से मांग की है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए तत्काल सीटों की संख्या बढ़ाई जाए या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र अपनी इच्छानुसार विषयों में प्रवेश ले सकें और अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रख सकें। ज्ञापन सौंपने के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को उजागर किया।
