गुना मुक्तिधाम में अंधेरा: मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ अंतिम संस्कार
गुना के बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम में बिजली व्यवस्था ठप होने से अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को मोबाइल की टॉर्च की रोशनी का सहारा लेना पड़ा।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 27 अगस्त 2026
गुना शहर के बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम में बिजली व्यवस्था के अभाव ने एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल दी है। बीते दिन एक परिवार को अपने दिवंगत परिजन का अंतिम संस्कार अंधेरे में, मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में करने के लिए मजबूर होना पड़ा। शाम ढलते ही मुक्तिधाम में घना अंधेरा छा जाता है, जिससे यहां आने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
घटना के अनुसार, जब एक शव को अंतिम संस्कार के लिए बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम लाया गया, तो वहां प्रकाश की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। इस दुखद घड़ी में, परिजनों और वहां मौजूद अन्य लोगों को अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर अंतिम संस्कार की आवश्यक रस्में पूरी करनी पड़ीं। इस दौरान परिजनों को न केवल अंधेरे से जूझना पड़ा, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक लापरवाही
यह कोई पहली घटना नहीं है जब शहर के मुक्तिधामों में अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आई हों। इससे पूर्व भी कैंट स्थित मुक्तिधाम से मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार किए जाने की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। उस समय भी प्रशासनिक खामियों को लेकर काफी हंगामा हुआ था और व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। हालांकि, बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम की यह ताजा घटना दर्शाती है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं सीखा है।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों में नगर पालिका की इस घोर लापरवाही के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम जैसी संवेदनशील जगह, जहां लोग गहरी भावनात्मक संवेदनाओं के साथ आते हैं, वहां प्रकाश और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह स्थिति लोगों की भावनाओं का अनादर है।
नागरिकों की मांग, तत्काल व्यवस्था की आवश्यकता
नागरिकों ने कलेक्टर और नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि शहर के सभी मुक्तिधामों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसमें हाईमास्ट लाइटें और जनरेटर की व्यवस्था शामिल हो, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को दुखद समय में इस तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और आवश्यक सुधार करेगा।
