गुना में सांदीपनि विद्यालय में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का भव्य समापन
गुना के सांदीपनि विद्यालय में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का समापन हुआ। इस दौरान नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे गए और उत्कृष्ट प्राचार्यों को...

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 29 जुलाई 2026
गुना स्थित सांदीपनि विद्यालय में एक भव्य समारोह का आयोजन कर गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का समापन किया गया। इस जिला स्तरीय कार्यक्रम के दो चरणों में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, योग, स्वच्छता और जागरूकता संबंधी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राचार्यों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व और चरित्र निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सही मार्ग चुनने और अनुशासन के साथ मेहनत करने की प्रेरणा दी। विधायक शाक्य ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, विवेक और चरित्र का विकास करना भी है। समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता, उपाध्यक्ष धरम सोनी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नव नियुक्त शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र, प्राचार्यों का सम्मान
जिला स्तरीय समापन एवं सम्मान समारोह में जिले के नव नियुक्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को मुख्य अतिथि पन्नालाल शाक्य और अन्य अतिथियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, विगत परीक्षाओं में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों को भी सम्मानित किया गया। इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ा और उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य ने स्वागत उद्बोधन में पखवाड़े के दौरान आयोजित की गई विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु के प्रति सम्मान, अनुशासन, योग, ध्यान, स्वच्छता, करियर जागरूकता तथा सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का विकास करना था। नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संस्कारवान बनने और गुरु-माता-पिता का सम्मान करने की प्रेरणा दी। नगर पालिका उपाध्यक्ष धरम सोनी ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कलेक्टर ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन, गुरु-शिष्य परंपरा पर जोर
समारोह के दूसरे चरण में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने सांदीपनि विद्यालय का दौरा किया। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर कन्याल ने विद्यालय परिसर में लगी विद्यार्थियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मक एवं नवाचारपूर्ण प्रतिभाओं की सराहना की।
कलेक्टर कन्याल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सही समय पर योग्य गुरु का मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने सांदीपनी विद्यालय की अवधारणा को विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक सांदीपनी विद्यालय के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है ताकि विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कलेक्टर ने सफलता के लिए लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और 'स्मार्ट' तरीके से मेहनत करने को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अच्छा मित्र समूह और योग्य गुरु का चयन जीवन में बहुत आवश्यक है, क्योंकि इनका प्रभाव सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे लैपटॉप और साइकिल वितरण, का लाभ उठाने और अपने भविष्य का निर्माण करने का आह्वान किया।
साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा का दिया गया संदेश
कलेक्टर कन्याल ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी साझा की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की। इस अवसर पर एसडीएम शिवानी पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौर और प्राचार्य सांदीपनी विद्यालय आशीष टांटिया सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
पूरे आयोजन के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों आसिफ खान, केशव दुबे और मनोहर सिलावट को भी शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों और सम्मानित शिक्षकों को स्मृति स्वरूप तुलसी का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के इस गरिमापूर्ण समापन ने विद्यार्थियों में गुरुजनों के प्रति सम्मान, संस्कार, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
