गुना में राशन अपयोजन: दो उचित मूल्य दुकानों पर एफआईआर के निर्देश
गुना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दो उचित मूल्य दुकानों पर राशन के भारी अपयोजन का मामला सामने आया है। कलेक्टर ने दोनों दुकानों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 1 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के गुना जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित दो उचित मूल्य दुकानों पर राशन सामग्री के भारी अपयोजन का मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए दोनों दुकानों के संबंधित संचालकों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।
जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पाण्डेय ने बताया कि चांचौड़ा तहसील के पीपल्यामोती गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान, जिसका संचालन बजरंगबली स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाता है, के स्टॉक का निरीक्षण सहायक आपूर्ति अधिकारी, चांचौड़ा द्वारा किया गया। निरीक्षण में दुकान में 99.44 क्विंटल गेहूं, 22.11 क्विंटल चावल, 585 किलोग्राम नमक और 35 किलोग्राम शक्कर स्टॉक में उपलब्ध नहीं पाई गई। इस सामग्री का अनुमानित आर्थिक मूल्य 4,13,310 रुपये आंका गया है। राशन की इस अनुपलब्धता को सीधे तौर पर अपयोजन माना गया है, जिसके बाद प्रकरण तैयार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), चांचौड़ा द्वारा एफआईआर दर्ज करने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
सिरसी दुकान पर भी बड़ी मात्रा में राशन गायब
इसी प्रकार, गुना तहसील के सिरसी गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान, जिसका संचालन आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मारकीमहू द्वारा किया जाता है, पर भी बड़े पैमाने पर राशन सामग्री का अपयोजन पाया गया है। सहायक आपूर्ति अधिकारी, गुना द्वारा किए गए निरीक्षण में दुकान से 112.98 क्विंटल गेहूं और 15.51 क्विंटल चावल तथा 36 किलोग्राम शक्कर गायब मिली। इस अनुपलब्ध सामग्री का आर्थिक मूल्य लगभग 4,02,200 रुपये है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), गुना द्वारा एफआईआर दर्ज करने के प्रस्ताव के बाद, कलेक्टर कन्याल ने इस दुकान के विरुद्ध भी तत्काल पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
जन-विश्वास अभियान के तहत एक अन्य मामला विचाराधीन
कलेक्टर के निर्देशों के क्रम में, मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत आरोन के ग्राम झाझौन की एक दुकान का भी निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में भी स्टॉक में अंतर और अन्य अनियमितताएं पाई गईं। इस मामले को जांच और कार्यवाही के लिए एसडीएम आरोन को भेजा गया है। इन कार्रवाइयों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के सरकारी प्रयासों को बल मिलेगा, साथ ही यह उन दुकान संचालकों के लिए एक स्पष्ट संदेश होगा जो सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते पाए जाएंगे।
