गुना में रामलीला का भव्य मंचन, श्रीराम-निषादराज की भेंट ने मोहा मन
गुना के शास्त्री पार्क में रामलीला के दौरान श्रीराम के वनगमन और निषादराज से उनकी आत्मीय भेंट का सजीव मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 13 अक्टूबर 2026
गुना के शास्त्री पार्क में सार्वजनिक नव कला मंडल द्वारा आयोजित रामलीला के मंचन ने सोमवार को दर्शकों को मर्यादा, त्याग और समरसता के संदेशों से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीराम के वनगमन और निषादराज से उनके आत्मीय मिलन के प्रसंगों को सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट विकास जैन नखराली ने श्रीराम दरबार के पूजन और रामायण की आरती के साथ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का एक आदर्श प्रतीक है, जिसके अनुसरण से समाज में समरसता और संस्कार मजबूत होते हैं।
वनगमन और आत्मीयता के प्रसंगों का जीवंत चित्रण
रामलीला के मंचन के दौरान माता कौशल्या के वात्सल्य और माता सुमित्रा द्वारा लक्ष्मण को दिए गए कर्तव्यबोध के प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से, भगवान श्रीराम के वनगमन और निषादराज केवट के साथ उनकी भेंट के दृश्य ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि मानवीय संबंध और सच्ची मित्रता किसी भी पद या जातिगत प्रतिष्ठा से कहीं अधिक ऊंचे होते हैं। कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से इन पौराणिक प्रसंगों को अत्यधिक प्रभावशाली और जीवंत बना दिया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।
कलाकारों और आयोजकों की भूमिका
समिति संयोजक बृजेन्द्र सिंह पवैया, अध्यक्ष महावीर सिंह चौहान, महामंत्री अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष ओम लोधा, उपाध्यक्ष नारायण लाल मेयर और सचिव निरंजन भाया की गरिमामयी उपस्थिति में यह आयोजन संपन्न हुआ। इस मंचन में दीपक शर्मा ने श्रीराम, नरेन्द्र कुशवाह ने लक्ष्मण और जगदीश ने निषादराज के पात्रों का प्रभावी अभिनय किया। वहीं, माता सीता की भूमिका दिनेश, कैकेयी की गजराज चंदेल और राजा दशरथ की भूमिका राम बाबू शर्मा ने निभाई। कथा-वाचन का दायित्व व्यास भगवत ने संभाला, जबकि मंच व्यवस्था रंजीत सिंह गुर्जर ने कुशलतापूर्वक संभाली। कार्यक्रम के अंत में समिति ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
