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गुना में रामलीला: अंगद ने रावण दरबार में जमाया पांव, लंका की एकता को ललकारा

गुना की पुरानी गल्ला मंडी में रामलीला के मंचन में अंगद-रावण संवाद का जीवंत चित्रण हुआ। अंगद ने अपने पांव जमाकर रावण के अहंकार को...

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•संवाददाता: राजा हतम वेग
गुना में रामलीला: अंगद ने रावण दरबार में जमाया पांव, लंका की एकता को ललकारा

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 19 अक्टूबर 2026

गुना की पुरानी गल्ला मंडी प्रांगण में सार्वजनिक श्री रामलीला एवं दशहरा पर्व समिति द्वारा आयोजित पारंपरिक रामलीला के तेरहवें दिन अंगद-रावण संवाद और अंगद के पांव जमाने की लीला का सजीव मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रसंग ने धर्म और अधर्म के बीच चल रहे संघर्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

युद्ध को अंतिम क्षणों तक टालने के प्रयास में भगवान श्रीराम ने अपने युवराज अंगद को शांतिदूत के रूप में लंका भेजा था। लंका के राजदरबार में पहुंचकर अंगद ने अपनी असाधारण वाकपटुता और निर्भीकता से अहंकारी रावण को चुनौती दी। उन्होंने रावण के उस अहंकार पर प्रहार किया, जब रावण अपनी बल-शक्तियों का दंभ भर रहा था और कैलाश पर्वत उठाने जैसी बातें कर रहा था।

अंगद के पांव से रावण का अहंकार हुआ खंडित

अपनी बात को पुष्ट करने के लिए अंगद ने भरी सभा में अपना एक पैर मजबूती से जमा दिया। उन्होंने घोषणा की कि यदि लंका का कोई भी शक्तिशाली योद्धा उनका पैर हिलाने में सफल हो जाता है, तो भगवान श्रीराम अपनी पूरी सेना सहित वापस लौट जाएंगे। इस चुनौती के जवाब में रावण के अनेक पराक्रमी योद्धाओं ने अपने बल का प्रदर्शन करने की कोशिश की, परंतु वे सभी अंगद के पैर को हिलाने में पूरी तरह से असमर्थ रहे।

जब स्वयं अहंकारी रावण अंगद के पैर को छूने के लिए विवश होकर झुका, तब अंगद ने अपना पैर पीछे हटा लिया। उन्होंने रावण को सत्य का मार्ग अपनाने की सलाह दी और कहा कि मेरे पैर पकड़ने की बजाय, भगवान श्रीराम के चरणों में शरण लें और माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटा दें। अंगद ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सूर्योदय तक माता सीता को वापस नहीं भेजा गया, तो लंका का विनाश निश्चित है, जिसे रावण ने अपने अहंकार में ठुकरा दिया।

कलाकारों ने मोहा दर्शकों का मन

इस मंचन में अंगद की भूमिका निभाने वाले कलाकार राजू धाकड़ और रावण के रूप में अरुण रघुवंशी के बीच हुए संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके अभिनय को खूब तालियां मिलीं। इस अवसर पर समिति संयोजक गोविंद सोनी, अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष रामदयाल कुशवाह, सचिव विजय पटेरिया, कोषाध्यक्ष अतिवीर जैन, कला निर्देशक पुरुषोत्तम धाकड़ और मीडिया प्रभारी योगेश लोधा भी उपस्थित रहे।

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