गुना में पॉलीहाउस में गुलाब की खेती: कलेक्टर ने जांची उन्नत तकनीक
गुना जिले के रिजौदा गांव में प्रगतिशील किसान अकबर हुसैन फैजी के पॉलीहाउस का कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने निरीक्षण किया। यहां पहली बार सेंसर आधारित ऑटोमेशन तकनीक से डच रोज गुलाब की खेती की जा रही है, जिससे पानी और पोषण प्रबंधन को नियंत्रित किया जा रहा है।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 21 अगस्त 2026
गुना जिले में पहली बार उन्नत तकनीक का प्रयोग करते हुए ग्राम रिजौदा में एक प्रगतिशील किसान द्वारा पॉलीहाउस में डच रोज गुलाब की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार को यहां किसान अकबर हुसैन फैजी के खेतों का भ्रमण कर इस आधुनिक तकनीक का निरीक्षण किया। यह तकनीक फसल की आवश्यकता के अनुसार पानी, उर्वरक और पोषण प्रबंधन को नियंत्रित करती है, जिससे संसाधनों की बचत के साथ-साथ उत्पादन की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होती है।
लगभग 3 एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस पॉलीहाउस में सेंसर आधारित ऑटोमेशन और फर्टिगेशन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से गुलाब की खेती में EC (Electrical Conductivity), pH (Potential of Hydrogen), पानी की मात्रा और उर्वरकों के डाइल्यूशन (घोलने की प्रक्रिया) को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जाता है। इससे पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार सटीक मात्रा में पानी और पोषक तत्व मिलते हैं, जो अतिरिक्त पानी और उर्वरक की बर्बादी को रोकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस तकनीक से गुलाब की गुणवत्ता में एकरूपता बनी रहती है और श्रम तथा मानवीय हस्तक्षेप में कमी आती है।
आधुनिक तकनीक से की जा रही खेती
कलेक्टर कन्याल ने किसान अकबर हुसैन फैजी से इस आधुनिक तकनीक के कार्यान्वयन, खाद एवं पोषण प्रबंधन, पानी की आवश्यकता और पौधों की विशेष देखभाल संबंधी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पॉलीहाउस के अंदर रोपित गुलाब की फसल की वर्तमान स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया और उन्नत तकनीक को अपनाने के अपने अनुभवों को भी साझा किया।
फलोद्यान और पैक हाउस की भी योजना
किसान अकबर हुसैन फैजी ने बताया कि पॉलीहाउस में उत्पादित गुलाब को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक एकीकृत पैक हाउस (Integrated Pack House) तैयार करने की भी योजना है। इस पैक हाउस में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा, अन्य पोस्ट-हार्वेस्ट (फसल कटाई उपरांत) सुविधाएं और रिफ्रिजेरेटेड वैन की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य गुलाब के साथ-साथ अन्य उद्यानिकी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और नियंत्रित तापमान में परिवहन को सुनिश्चित करना है। किसान ने यह भी बताया कि लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में फलोद्यान (फलों के बाग) विकसित करने की भी तैयारी की जा रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे, एसडीएम मंजुषा खत्री, उप संचालक उद्यान के.पी.एस. किरार, उप संचालक कृषि संजीव शर्मा तथा अन्य जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
