गुना में नगर निगम की मांग के बीच 'नगर परिषद' का उल्लेख, प्रशासनिक चूक पर आक्रोश
गुना में नगर निगम के दर्जे की मांग के बीच भूमिपूजन पट्टिकाओं पर 'नगर परिषद' लिखे जाने से स्थानीय नागरिक आक्रोशित हैं। यह प्रशासनिक चूक...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 20 सितंबर 2026
गुना शहर के निवासियों में उस वक्त गहरा आक्रोश और असंतोष व्याप्त हो गया, जब हाल ही में आयोजित शासकीय कार्यक्रमों में भूमिपूजन और शिलान्यास की पट्टिकाओं पर 'नगर निगम' के बजाय 'नगर परिषद' गुना का उल्लेख किया गया। यह प्रशासनिक चूक स्थानीय नागरिकों द्वारा शहर को नगर निगम का दर्जा दिलाने के लंबे समय से चल रहे प्रयासों के बीच सामने आई है, जिससे विकास कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय निवासियों का तर्क है कि गुना की वर्तमान जनसंख्या, क्षेत्रफल और राजस्व संग्रह की क्षमता नगर निगम के सभी निर्धारित मानकों को पूरा करती है। नगर निगम का दर्जा मिलने से शहर को केंद्र और राज्य सरकार से अतिरिक्त बजट मिलने की उम्मीद थी, जिससे मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और अन्य वृहद ढांचागत योजनाओं को गति मिल सकती थी। पट्टिकाओं पर 'नगर परिषद' अंकित होने को इस मांग को दरकिनार करने और शहर के विकास को धीमा करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठते सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों में यह जानने की उत्सुकता है कि क्या यह एक सामान्य लिपिकीय त्रुटि है या फिर गुना के विकास की गति को जानबूझकर बाधित करने का प्रयास। वर्तमान में, यह मामला शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और नागरिक इस त्रुटि को तत्काल सुधारे जाने की मांग कर रहे हैं।
जनता इस प्रशासनिक उपेक्षा को गुना के संवैधानिक अधिकारों के प्रति गंभीर अनदेखी के रूप में देख रही है। नगर निगम का दर्जा प्राप्त होने से शहर को मिलने वाली सुविधाओं और वित्तीय सहायता पर अब संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
