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गुना में मूसलाधार बारिश: कॉलोनियों में घुसा पानी, व्यापार प्रभावित

गुना शहर में कुछ ही घंटों में 90 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे गुलाबगंज-चौरसिया कॉलोनी सहित कई इलाके जलमग्न हो गए। घरों तक पानी घुसने और सड़कों पर घुटनों तक जलभराव ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

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गुना में मूसलाधार बारिश: कॉलोनियों में घुसा पानी, व्यापार प्रभावित

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 11 अगस्त 2026

गुना शहर मंगलवार दोपहर को हुई मूसलाधार बारिश से पूरी तरह जलमग्न हो गया। कुछ ही घंटों में 90 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज होने का अनुमान है, जिसने न केवल शहरवासियों को गर्मी से राहत दी, बल्कि गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। गुलाबगंज की चौरसिया कॉलोनी जैसे निचले इलाकों में पानी घरों के अंदर तक घुस गया, जिससे रहवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के कारण नई सड़क पर घुटनों तक पानी बहने लगा, जिससे व्यापारियों को अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर समेटना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 84.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, और इसके बाद भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान हुई अत्यधिक वर्षा ने इस सीजन के अब तक के बारिश के आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई, खासकर उन कॉलोनियों में जहां नालियों की सफाई को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे।

घरों में जलभराव और व्यवस्था पर उठते सवाल

गुलाबगंज की चौरसिया कॉलोनी में बारिश का पानी घरों के अंदर घुसने के बाद नगर पालिका की तैयारियों पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। रहवासियों का आरोप है कि बारिश से पहले जलभराव वाले क्षेत्रों में नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं कराई गई थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और पानी की निकासी के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाते, तो पहली ही तेज बारिश में ऐसी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं होती। लोगों ने मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर तत्काल नालियों की सफाई कराई जाए और जहां आवश्यक हो, मशीनों की मदद से पानी निकाला जाए।

पिछले वर्ष आई भयावह बाढ़ की यादें भी मंगलवार की बारिश ने ताजा कर दीं। गोविंद गार्डन, नानाखेड़ी मंडी गेट, नीचला बाजार सहित शहर के कई हिस्सों में घरों और दुकानों के आसपास जलभराव की स्थिति बनी रही। नानाखेड़ी मंडी गेट से शांति हेरिटेज तक बने नाले तेज बहाव के साथ उफान पर थे, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे बारिश के पानी का दबाव संभालने में असमर्थ हो रहे हैं।

व्यापारियों को नुकसान और आवागमन में बाधा

शहर की नई सड़क पर घुटनों तक पानी भरने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदारों ने पानी घुसने की आशंका से अपने कीमती सामान को ऊपर की मंजिलों पर या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सड़क पर तेज बहाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। बारिश के कारण शहर के कई मार्गों पर वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए निचले इलाकों में जलभराव के कारण आवागमन दूभर हो गया।

इस बीच, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के दौरान शहर के मुख्य डाकघर मार्ग पर पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर सड़क पर गिर गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ।

जिले में औसत से अधिक वर्षा, चिंताजनक आंकड़े

जिले में 1 जून से 11 अगस्त 2026 की सुबह तक 620.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो सामान्य औसत वर्षा का 58.9 प्रतिशत है। सामान्य औसत वर्षा 1053.5 मिलीमीटर है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 1167.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई थी। वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में गुना में 308.0 मिमी, बमोरी में 320.6 मिमी, आरोन में 504.0 मिमी, राघौगढ़ में 604.0 मिमी, चांचौड़ा में 700.0 मिमी, कुंभराज में 911.0 मिमी और मक्सूदनगढ़ में 1002.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।

बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 36.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसमें गुना में 9.4 मिमी, बमोरी में 34 मिमी, आरोन में 13 मिमी, राघौगढ़ में 34 मिमी, चांचौड़ा में 42 मिमी, कुंभराज में 91 मिमी और मक्सूदनगढ़ में 35 मिमी बारिश शामिल थी। सोमवार दोपहर और शाम को शहर में हुई अतिरिक्त तेज बारिश ने इन आंकड़ों को और बढ़ा दिया है, जिससे कुंभराज जैसे स्थानों पर अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है।

मंगलवार की बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं इसने शहर की जल निकासी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया है। घरों और दुकानों में पानी घुसने की घटनाओं ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता को फिर से सामने ला दिया है। प्रशासन और नगर पालिका से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।