गुना में मिलावट के खिलाफ अभियान: 12 प्रतिष्ठानों के नमूने सब-स्टैंडर्ड
गुना में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 12 प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं। जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 12 अक्टूबर 2026
गुना जिले में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावट के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग को राज्य खाद्य प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों के एक दर्जन नमूनों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर उन्हें सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया है। इन दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ अब अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहल जिले में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जांच में सब-स्टैंडर्ड पाए गए प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी किराना भंडार विशनवाडा का नमकीन, राज डेयरी का मावा, अंजली मिष्ठान भंडार की मावा बर्फी, राज स्वीट्स की बर्फी, ममता डेयरी का दूध, श्री श्याम डेयरी की मिल्क क्रीम, जगत रेस्टोरेंट का पनीर, चंदेल डेयरी का मावा, नीतेश किराना का घी, शिमला स्वीट्स का मावा, श्रीराम बीकानेर मिष्ठान भंडार के लड्डू व नमकीन, तथा दीपक रेस्टोरेंट की मावा बर्फी शामिल हैं। इन फर्मों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रकरण सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि दोषियों को उनके कृत्य के लिए दंडित किया जा सके।
राज्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट में एक दर्जन सैंपल फेल
राज्य खाद्य प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट ने एक दर्जन खाद्य प्रतिष्ठानों के नमूनों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। इन नमूनों में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल थे, जिनकी जांच में वे निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके। इसके परिणामस्वरूप, इन सभी प्रतिष्ठानों को सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन परिणामों के आधार पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।
सब-स्टैंडर्ड पाए गए नमूनों में लक्ष्मी किराना भंडार का नमकीन, राज डेयरी और चंदेल डेयरी का मावा, अंजली मिष्ठान भंडार और राज स्वीट्स की मावा बर्फी, ममता डेयरी का दूध, श्री श्याम डेयरी की मिल्क क्रीम, जगत रेस्टोरेंट का पनीर, नीतेश किराना का घी, शिमला स्वीट्स का मावा, श्रीराम बीकानेर मिष्ठान भंडार के लड्डू व नमकीन, और दीपक रेस्टोरेंट की मावा बर्फी शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों को अब खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।
मिलावट के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग को प्राप्त शिकायतों के आधार पर, तेलघानी स्थित अमूल पार्लर से पनीर, दही और केक के नमूने लिए गए। यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों द्वारा खाद्य गुणवत्ता के संबंध में व्यक्त की गई चिंताओं पर आधारित थी। विभाग ने इन नमूनों को भी तत्काल जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेज दिया है, ताकि उनकी गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, पुरानी गल्ला मंडी स्थित श्री हरि बीकानेर मिष्ठान भंडार से नमकीन और मानस भवन के पास स्थित अशोका जूस सेंटर से मौसमी, अनार व अनानास के जूस के नमूने भी एकत्रित किए गए हैं। इन सभी नमूनों को भी गहन जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध जांच और सैंपलिंग की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा हो सके। इस अभियान से मिलावटखोरों में हड़कंप मचने की उम्मीद है और यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद ही मिलें।
