गुना में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान: तनाव प्रबंधन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर जोर
गुना जिले में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत 'मन जागृति अभियान' का आयोजन किया गया। इसमें प्रधानमंत्री कौशल केंद्र के विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 15 अक्टूबर 2026
गुना जिले में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के उपलक्ष्य में 'मन जागृति अभियान' के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय के मनकक्ष विभाग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करना और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल, मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं को तनाव प्रबंधन और नशामुक्ति का प्रशिक्षण
अभियान के तहत, प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में आयोजित एक विशेष सत्र में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. देवकीनंदन किरार और मनोरोग नर्सिंग ऑफिसर रवि सिंह यादव ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन की तकनीकों और नशामुक्ति के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान, टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 और मनहित ऐप के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। सत्र के अंत में, उपस्थित विद्यार्थियों ने नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया, जो एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
गर्भवती महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता
इसके अतिरिक्त, महावीरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में नर्सिंग ऑफिसर प्रज्ञा मांडवे और अर्चना आचार्य ने आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं तथा गर्भवती महिलाओं के साथ संवाद स्थापित किया। इन विशेषज्ञों ने गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद होने वाली सामान्य मानसिक जटिलताओं, जैसे अवसाद और चिंता, के शुरुआती लक्षणों को पहचानने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने समय पर परामर्श लेने और उचित उपचार प्राप्त करने के महत्व को रेखांकित किया, ताकि मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके। इस व्यापक जन-जागरूकता अभियान में कुल 50 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई, जो जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाता है।
