गुना में किशोर स्वास्थ्य दिवस: 1015 छात्रों का परीक्षण, परामर्श
गुना जिले के छह विद्यालयों में आयोजित किशोर स्वास्थ्य दिवस के तहत 1015 किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों ने पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 12 अक्टूबर 2026
गुना जिले में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से 1015 किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में संचालित इन आयोजनों का उद्देश्य 'सक्षम साथिया-सशक्त समुदाय' गतिविधि के तहत किशोरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना था। इस पहल के अंतर्गत, जिले के छह विभिन्न विद्यालयों में एक व्यापक स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया, जिसने एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया।
जिले के म्याना, आरोन, बमौरी, बीनागंज और राघौगढ़ के छह विद्यालयों में आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सा दलों ने छात्रों के सामान्य स्वास्थ्य की गहन जांच की। इसमें एनीमिया, हीमोग्लोबिन, मुख और दृष्टि की जांच के साथ-साथ रक्तचाप, वजन और लंबाई का आकलन शामिल था। छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शुरुआती दौर में पता लगाने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए उनकी स्क्रीनिंग भी की गई। इन जांचों के माध्यम से, किशोरों के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति का एक विस्तृत चित्र प्राप्त हुआ, जिस पर आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य जांच और परामर्श सत्र
चिकित्सा अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग टीम ने छात्रों को पोषण, स्वच्छता, नशे के दुष्प्रभावों और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी। इस दौरान, किशोरों को आपातकालीन सहायता प्राप्त करने के लिए मनहित ऐप, 'जस्ट आस्क' पहल और टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 जैसी महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने यह भी समझाया कि कैसे ये डिजिटल और हेल्पलाइन सेवाएं संकट के समय में त्वरित और प्रभावी मदद प्रदान कर सकती हैं। छात्रों को यह भी सिखाया गया कि वे अपनी समस्याओं को कैसे पहचानें और उपयुक्त सहायता के लिए इन संसाधनों का लाभ कैसे उठाएं।
जागरूकता अभियान में सहयोग
इस स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की सफलता में विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों और स्वास्थ्य एवं कल्याण दूत (Health and Wellness Ambassador) के रूप में नामित शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन विद्यालयों ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और सहयोग प्रदान किया, जिससे शिविर सुचारू रूप से संपन्न हो सके। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के परामर्शदाताओं और प्रशिक्षकों ने पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत ध्यान मिले। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से किशोरों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे एक स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर हो सकेंगे। विशेषज्ञों ने छात्रों को नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी जोर दिया, ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य समस्या का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सके और उसका प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सके। इस प्रकार के वृहद स्वास्थ्य आयोजनों से न केवल तात्कालिक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, बल्कि दीर्घकालिक रूप से एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भी योगदान मिलता है।
