गुना में खाद कालाबाजारी पर एफआईआर का आदेश, फसल विविधीकरण पर जोर
गुना जिला प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी और अवैध वितरण पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने ऐसी घटनाओं पर एफआईआर दर्ज...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 10 सितंबर 2026
गुना जिला कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने जिले में खाद की कालाबाजारी और अवैध वितरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। इस बैठक में उप संचालक कृषि संजीव शर्मा और किसान संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
कलेक्टर ने जिले की अनुकूल जलवायु का उल्लेख करते हुए किसानों से पारंपरिक खेती से हटकर फसल विविधीकरण और हार्टीकल्चर अपनाने का आग्रह किया। उनका मानना है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। उप संचालक कृषि ने बताया कि गर्मी के मौसम में उड़द की फसल किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकती है।
ई-टोकन प्रणाली से खाद वितरण
खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत, उप संचालक कृषि संजीव शर्मा ने सूचित किया कि हाल ही में डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की एक नई रैक प्राप्त हुई है। इस खाद के वितरण के लिए एक पारदर्शी ई-टोकन प्रणाली लागू की गई है। जिले की 22 सहकारी समितियों, डबल लॉक केंद्रों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसान प्रतिदिन सुबह 10 बजे पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी देखकर खाद बुक कर सकते हैं। आज लगभग 900 किसानों ने इस प्रणाली का उपयोग करके डीएपी बुक किया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से डीएपी के साथ-साथ एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम) उर्वरक का भी उपयोग करने का अनुरोध किया है। आगामी रबी सीजन की तैयारियों को देखते हुए, किसान एनपीके की अग्रिम बुकिंग ई-विकास प्रणाली के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने नकली बीजों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकें और वे संभावित नुकसान से बच सकें।
