गुना में गुर्जर समाज की भव्य राधाष्टमी शोभायात्रा, भक्तिमय हुआ माहौल
गुना शहर में राधाष्टमी के अवसर पर गुर्जर समाज ने भव्य शोभायात्रा निकाली। जयस्तंभ चौराहे से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी इस...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 19 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के गुना शहर में राधाष्टमी के पावन पर्व पर भक्ति और उल्लास का माहौल छाया रहा। गुर्जर समाज द्वारा आयोजित एक भव्य शोभायात्रा ने शहरवासियों का मन मोह लिया। इस धार्मिक आयोजन में समाज के बड़ी संख्या में बंधुओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरे शहर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस वर्ष की राधाष्टमी यात्रा विशेष रूप से यादगार रही, जिसमें पारंपरिक उत्साह के साथ-साथ नवीनता का भी समावेश देखने को मिला।
शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्रतिष्ठित जयस्तंभ चौराहे से हुआ। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की मधुर धुनों के बीच, रिमझिम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से गुजरी, जहां हर ओर राधा रानी के जयकारे गूंज रहे थे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी भक्ति गीतों पर थिरकते हुए और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस बार यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
आकर्षण का केंद्र बनी राधा रानी की झांकी
शोभायात्रा में विशेष रूप से सजाई गई एक बग्गी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें राधा रानी की भव्य तस्वीर और नयनाभिराम झांकी विराजमान थी। इस झांकी को अत्यंत कलात्मक ढंग से सजाया गया था, जिसने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस यात्रा ने न केवल धार्मिक भावनाओं को व्यक्त किया, बल्कि शहर में एक सकारात्मक और सामंजस्यपूर्ण वातावरण का निर्माण भी किया। स्थानीय व्यापारियों ने भी अपनी दुकानों के समक्ष जलपान की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का सत्कार किया।
लक्ष्मीनारायण मंदिर में महाआरती व प्रसाद वितरण
धार्मिक आयोजन का समापन जयस्तंभ चौराहे स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मीनारायण मंदिर में हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और एक विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को सुगंधित फूलों और दीपकों से सजाया गया था, जिससे एक दिव्य और शांत वातावरण बन गया था। महाआरती के उपरांत, मंदिर समिति और श्रद्धालुओं के तत्वावधान में सैकड़ों भक्तों के बीच विशाल कढ़ी-चावल प्रसादी का वितरण किया गया। यह प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों ने कतारें लगाईं और भक्तिभाव से इसे ग्रहण किया। देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा, जहां वातावरण राधा रानी के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस आयोजन ने सामाजिक समरसता और गहरी धार्मिक आस्था का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया, जहां विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ आकर इस उत्सव का हिस्सा बने। गुर्जर समाज के आयोजकों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और अगले वर्ष इससे भी भव्य आयोजन का संकल्प लिया।
