गुना में चला मिलावट के खिलाफ अभियान, चलित लैब से दुग्ध उत्पादों के सैंपल जांचे
गुना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के विरुद्ध अभियान चलाया है। चलित प्रयोगशाला की मदद से दूध, पनीर और मावा जैसे दुग्ध उत्पादों के...

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 29 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश के गुना जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावट के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच की गई। जिला कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार और अभिहित अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषीश्वर के मार्गदर्शन में, खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने म्याना क्षेत्र में कई दूध डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान, चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का उपयोग करते हुए दूध, पनीर, मावा और घी जैसे पदार्थों की मौके पर ही जांच की गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न दुग्ध उत्पादों में की जाने वाली मिलावट को रोकना और आम जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जांच के दौरान, म्याना चौराहा स्थित जगदीश दूध डेयरी से दूध, पनीर और घी के नमूने लिए गए। इसी प्रकार, कैंट रोड गुना स्थित महेश दूध डेयरी से दूध, मावा और पनीर के सैंपल एकत्र किए गए। वस स्टैंड के पास ए.बी. रोड गुना स्थित जगत एस.एस.एस. रेस्टोरेंट से भी पनीर और चिकन बिरयानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की निरंतर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशानुसार मिलावट के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की मौजूदगी से जांच प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता का तुरंत पता लगाया जा सके। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ये नमूने निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं, उन्हें आगे की विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मिलावट के विरुद्ध यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से विभिन्न खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध और दुग्ध से बने उत्पादों की जांच और सैंपलिंग की कार्यवाही को प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह की नियमित जांच से खाद्य कारोबारियों में सतर्कता आती है और वे मिलावट करने से कतराते हैं, जिससे अंततः उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्राप्त होते हैं।
