गुना में भव्य नवरात्रि-दशहरा महोत्सव संपन्न, 250 झांकियों को मिला सम्मान
गुना में नवरात्रि और दशहरा महोत्सव का समापन विराट हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के साथ हुआ। इस दौरान 250 झांकियों को उनकी...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 20 अक्टूबर 2026
गुना अंचल में इस वर्ष नवरात्रि और दशहरा महोत्सव का भव्य समापन हुआ। विजयदशमी की देर रात तक चली मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही विराट हिंदू उत्सव समिति चिंतन मंच द्वारा आयोजित इस महोत्सव का समापन विभिन्न कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष क्षेत्र के लगभग ग्यारह सौ ग्रामों में मां दुर्गा की करीब पांच हजार झांकियां सजाई गई थीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह पैदा किया।
महोत्सव के समापन पर हनुमान चौराहा स्थित मंदिर में एक गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विराट हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष कैलाश मंथन ने उत्कृष्ट झांकियां सजाने वाली समितियों, अथक परिश्रम करने वाले कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों और मीडियाकर्मियों को 'स्मृति मां अंबे सम्मान पत्र' प्रदान कर उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया। इस वर्ष कुल ढाई सौ झांकी पंडालों को उनकी श्रेष्ठ सज्जा और प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बालाजी और राम दरबार की पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके पश्चात एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया।
उत्सवों का सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक समरसता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक कैलाश मंथन ने कहा कि भारतीय उत्सव परंपराएं हमारी संस्कृति की रीढ़ हैं। नवरात्रि, दशहरा और गणेशोत्सव जैसे प्रमुख पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि ये समाज में संगठन और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शक्ति की आराधना के इन पर्वों के माध्यम से समाज को संगठित करना ही राष्ट्र की उन्नति का सबसे प्रभावी मार्ग है। श्री मंथन के अनुसार, धर्म की रक्षा से ही देश की रक्षा संभव है, और ऐसे आयोजन समाज को इसी दिशा में प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर, उन्होंने समस्त कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अमले का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। विजयादशमी के उपलक्ष्य में आयोजित इस पूरे आयोजन ने गुना अंचल में धार्मिक उत्साह और सामाजिक एकता का एक सकारात्मक वातावरण निर्मित किया। झांकियों की विविधता और उनकी प्रस्तुति ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दूर से आए आगंतुकों को भी आकर्षित किया, जिससे यह महोत्सव क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में याद किया जाएगा।
