गुना में बारिश के बीच जल संकट: सीमेंट फैक्ट्री की सड़क निर्माण बनी आफत
गुना शहर में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बावजूद सोमवार को जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। अडानी सीमेंट फैक्ट्री मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से शहरवासी पानी की बूंद-बूंद को मोहताज हो गए।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 7 सितंबर 2026
गुना शहर पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जूझ रहा है, लेकिन इसी बीच सोमवार को शहरवासियों को एक विकट जल संकट का सामना करना पड़ा। शहर के लगभग सभी इलाकों में नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस अचानक उत्पन्न हुई स्थिति ने शहर के जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
शहर में बार-बार उत्पन्न हो रहे इस जल संकट का मुख्य कारण हनुमान चौराहे से मावन स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट फैक्ट्री तक बन रही सड़क का निर्माण कार्य और संबंधित निर्माण एजेंसी की लापरवाही को बताया जा रहा है। नगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, पिछले दो महीनों के भीतर यह चौथी या पांचवीं बार है जब सड़क निर्माण के कारण शहर की जलापूर्ति बाधित हुई है। पहले पाइपलाइन शिफ्टिंग में हुई देरी और अब निर्माण के दौरान जेसीबी चालकों द्वारा मुख्य पेयजल पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटनाओं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। रविवार शाम को भी अडानी सीमेंट फैक्ट्री मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी ने पानी की मुख्य सप्लाई लाइन को बुरी तरह तोड़ दिया। पूरी रात और सोमवार दिनभर पाइपलाइन को सुधारने का काम चलता रहा, जिसके कारण पूरे शहर में हाहाकार मचा रहा। इस दौरान जलापूर्ति प्रभावित होने की सूचना स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता को सोशल मीडिया के माध्यम से जारी करनी पड़ी।
सड़क निर्माण की लापरवाही बनी जल संकट की जड़
हनुमान चौराहे से मावन स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट फैक्ट्री तक सड़क निर्माण का कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर इसके कारण शहरवासियों को हो रही पानी की किल्लत को लेकर। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा बरती जा रही लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। पहले तो पाइपलाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई। अब, जब सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, तो जेसीबी जैसे भारी वाहनों के चालक पेयजल की मुख्य आपूर्ति लाइनों को बार-बार क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। रविवार शाम को हुई घटना इसी लापरवाही का एक और उदाहरण है, जब जेसीबी ने पानी की मेन सप्लाई लाइन को बुरी तरह से तोड़ दिया। इस क्षति को सुधारने में पूरा एक दिन लग गया, जिससे सोमवार को पूरे शहर में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रही।
सिंध परियोजना की लाइन क्षतिग्रस्त, वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव
सिंध परियोजना की मुख्य जल आपूर्ति लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण जल शोधन संयंत्र से शहर की टंकियों तक पानी पहुंचना बंद हो गया। स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब नगर पालिका प्रशासन ने पानी की सप्लाई बाधित होने की कोई पूर्व सूचना जारी नहीं की। इतना ही नहीं, नागरिकों की समस्या को देखते हुए टैंकरों के माध्यम से पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई। भीषण बारिश के मौसम में भी स्थानीय प्रशासन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की इस तरह की अनदेखी से नागरिकों, विशेषकर गृहणियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि उन्हें पीने के पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जो कि अत्यंत निराशाजनक है।
अनिश्चित जल आपूर्ति से बिगड़ा घर का बजट और दिनचर्या
शहरभर में जल सप्लाई के समय में आई अनिश्चितता ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नत्थूखेड़ी, प्रेमी कॉलोनी, भार्गव कॉलोनी सहित शहर की सभी प्रमुख बस्तियों में पानी आने का तय समय सुबह 8 बजे था, लेकिन अब यह समय कभी 9, कभी 10, तो कभी सीधे दोपहर 11 बजे तक खिंच जाता है। सप्लाई के इस अनियमित समय के कारण महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सुबह 11 बजे पानी आने से उन्हें इस दुविधा का सामना करना पड़ रहा है कि वे बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करें, घर का खाना बनाएं, या फिर पानी भरने के लिए कतारों में लगें। नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यालय और काम पर समय पर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके दैनिक कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल, निश्चित समय की मांग
पेयजल वितरण के संबंध में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका ने 'सिटी सप्लाई' नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है, जहां पंप ऑपरेटर अंतिम समय पर मैसेज डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। आम नागरिकों की मांग है कि नगर पालिका व्हाट्सएप ग्रुप पर केवल औपचारिकता निभाने के बजाय, पानी की आपूर्ति के लिए एक निश्चित और विश्वसनीय समय तय करे, ताकि लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना बना सकें। इसके साथ ही, नागरिकों ने अडानी सीमेंट फैक्ट्री की सड़क निर्माण एजेंसी की लापरवाही के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शहरवासियों को पानी की समस्या से जूझना न पड़े।
