गुना में बनेगा पुष्प उत्पादन क्लस्टर, किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर
गुना जिले में पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने की तैयारी है। उद्यानिकी आयुक्त ने आधुनिक तकनीकों के निरीक्षण के बाद यह निर्देश दिए, जिसका उद्देश्य...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 25 सितंबर 2026
गुना जिले में पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, जिसके तहत जिले में एक पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाना और क्षेत्र की बागवानी को एक नई पहचान दिलाना है। उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के आयुक्त, सौरभ कुमार सुमन ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न कृषि फार्मों का सघन निरीक्षण करते हुए इस योजना की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान, आयुक्त सुमन ने किसानों द्वारा पॉलीहाउस में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने शेडनेट हाउस में टमाटर उत्पादन और अमरूद के बगीचों का भी जायजा लिया। इस अवसर पर, उन्होंने प्रगतिशील किसानों, नाथूराम लोधा और नर्मदा शंकर भार्गव, से सीधे संवाद कर खेती की लागत, अपनाई जा रही तकनीकों और विपणन की वर्तमान व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
पुष्प उत्पादन क्लस्टर की स्थापना के निर्देश
किसानों के प्रयासों और जिले में पुष्प उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए, आयुक्त सौरभ कुमार सुमन ने उपसंचालक उद्यान को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुना में गुलाब के साथ-साथ कट फ्लावर, लूज फ्लावर और बल्बस फूलों के उत्पादन के लिए क्लस्टर विकसित किए जाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय जलवायु परिस्थितियों और बाजार की मांग के अनुरूप संगठित खेती को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। आयुक्त का मानना है कि इससे जिले की बागवानी को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिल सकेगी।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर होगा विशेष ध्यान
आयुक्त सुमन ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को केवल फसल उत्पादन तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। वर्तमान समय की मांग है कि उन्हें प्रसंस्करण, पैकेजिंग, डिहाइड्रेशन जैसी मूल्य संवर्धन तकनीकों और आधुनिक विपणन रणनीतियों से भी जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसानों को उन संस्थानों का भ्रमण कराया जाए जहां प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का कार्य सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, ताकि वे नई पद्धतियों को सीख सकें।
इस निरीक्षण के दौरान उप संचालक उद्यान केपीएस किरार, मनोज कुमार राठौर और सौरव गुप्ता सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। आयुक्त का पारंपरिक रूप से पॉलीहाउस में उत्पादित गुलाबों के गुलदस्ते से स्वागत किया गया। यह पूरी पहल जिले के बागवानी क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित करने और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
