गुना में अवैध खाद भंडारण पर कृषि विभाग की कार्रवाई, FIR दर्ज
गुना जिले में कृषि विभाग ने अवैध उर्वरक भंडारण केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई की है। दो थाना क्षेत्रों में निरीक्षण के बाद कई गोदाम सील...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 26 सितंबर 2026
गुना जिले में उर्वरकों के अवैध भंडारण के खिलाफ कृषि विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। कृषि विकास अधिकारी के नेतृत्व में बमोरी और गुना विकासखंड के सकतपुर तथा रहूपुरा गांवों में स्थित भंडारण केंद्रों पर एक औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में उर्वरकों का अवैध भंडारण पाया गया, जिसके बाद संबंधित गोदामों को तत्काल सील कर दिया गया।
यह कार्रवाई कृषि विभाग की ओर से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के प्रयासों का हिस्सा है। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों से उर्वरकों की वैधता साबित करने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद उपलब्ध हो और किसी भी प्रकार की मिलावट या अधिक दर से वसूली न हो सके।
जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, 25 सितंबर 2026 को वैधानिक कार्यवाही के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए। यह कदम अवैध भंडारण की पुष्टि होने और संबंधित संचालकों द्वारा संतोषजनक स्पष्टीकरण न दिए जाने के बाद उठाया गया। बमोरी थाना क्षेत्र में मेसर्स बजरंग एग्रो एजेंसी के संचालक धर्मेंद्र धाकड़ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया। इसी क्रम में, गुना क्षेत्र के अंतर्गत भीमा लोधा और राजकुमार लोधा के खिलाफ भी थाना कैंट में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन सौंपा गया है।
उर्वरक विक्रेताओं पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई
इन तीनों उर्वरक विक्रेताओं पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के उल्लंघन का आरोप है। यह अधिनियम सरकार को आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने की शक्ति देता है, जिसमें उर्वरक भी शामिल हैं। अवैध भंडारण और वितरण को इस अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध माना जाता है, क्योंकि इससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है और किसानों को लाभ से वंचित किया जा सकता है।
प्रशासन ने इन ठिकानों से जब्त की गई खाद और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है। इस जांच का उद्देश्य जब्त किए गए उर्वरकों की मात्रा, उनकी गुणवत्ता और उनके स्रोत का पता लगाना है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्या यह भंडारण किसी बड़ी आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरे भंडारण की स्थिति स्पष्ट करें और नियमानुसार आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करें। इसमें जब्त माल का पंचनामा तैयार करना और आरोपियों के बयान दर्ज करना शामिल हो सकता है।
इस मामले में शेष कानूनी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि किसानों को सही उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले भर में इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। यह कार्रवाई अन्य संभावित अवैध भंडारणों के लिए भी एक निवारक के रूप में काम करेगी। किसी भी अवैध गतिविधि में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। स्थानीय पुलिस ने प्राप्त आवेदनों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
