गुना में 14 लाख की अवैध शराब जब्त, प्रशासन का माफिया पर शिकंजा
सागर की जहरीली शराब घटना के बाद गुना में विशेष अभियान चला। पुलिस और आबकारी विभाग ने मिलकर लाखों की अवैध शराब और महुआ लाहन...

गुना/ मधुसूदनगढ़ | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 9 सितंबर 2026
सागर जिले में जहरीली शराब से हुई दुखद घटनाओं के मद्देनजर, मध्य प्रदेश के गुना जिले में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के सख्त निर्देशों के बाद, पुलिस अधीक्षक हितिका वासल और ग्वालियर संभाग के उपायुक्त संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में, अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के विरुद्ध एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस विशेष अभियान के तहत, आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न दुर्गम इलाकों में छापेमारी की कार्रवाई की है।
राजपुरा, गोचा आमल्या, बरसत और मधुसूदनगढ़ जैसे क्षेत्रों में तड़के की गई औचक दबिश के दौरान, टीमों ने पठार और झाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा और उसके निर्माण में प्रयुक्त होने वाले लाहन को जब्त किया। अधिकारियों ने मौके पर ही सैंपल एकत्र किए और शेष सामग्री को तत्काल नष्ट कर दिया। इस अभियान में एक मोटरसाइकिल पर ले जाई जा रही 60 लीटर अवैध शराब को भी जब्त किया गया है, जिसे आरोपी संभवतः कहीं और पहुंचाने की फिराक में थे।
अवैध मदिरा और लाहन की बरामदगी
संयुक्त अभियान के दौरान, विभाग ने कुल 370 लीटर हाथ भट्टी मदिरा और 8600 किलोग्राम गुड़-महुआ लाहन जब्त करने में सफलता हासिल की है। बरामद की गई इस अवैध सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 14 लाख रुपये आंका गया है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अवैध शराब के गोरखधंधे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
चार प्रकरण दर्ज, जांच जारी
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के क्रम में, पुलिस और आबकारी विभाग ने मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं, जिनमें 34(1)क, ख, 34(2) और 49(ए) शामिल हैं, के तहत कुल चार प्रकरण दर्ज किए हैं। वर्तमान में, पुलिस आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने और मामले की गहन विवेचना में जुटी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप
इस संयुक्त अभियान में आबकारी उपनिरीक्षक राधाकिशन, मोहनीष शर्मा, वर्धमान जैन, मुख्य आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह, दिनेश कुमार राठौर, अरुण कुमार शर्मा, गोविंद सिंह मीना और महिला आरक्षक जेम्मा एक्का की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। जिला आबकारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट ने बताया कि जहरीली शराब के निर्माण और इसके द्वारा होने वाली मौतों जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से की गई इस बड़ी कार्रवाई ने अवैध शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है और भविष्य में भी ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
