गुना: मारपीट में बुजुर्ग की मौत, 24 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार
गोपालपुर मारधय गांव में 16 सितंबर को हुई हिंसक मारपीट में 65 वर्षीय माखन सिंह अहिरवार की मौत हो गई। पुलिस ने 24 घंटे के...

गुना/ म्याना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 18 सितंबर 2026
गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में 16 सितंबर की रात हुई एक हिंसक मारपीट की घटना में 65 वर्षीय बुजुर्ग माखन सिंह अहिरवार की मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर सभी छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
यह घटना ग्राम गोपालपुर मारधय में हुई, जहां फरियादी गुलशन अहिरवार के मामा शिशपाल के साथ गांव के कुछ व्यक्तियों द्वारा गाली-गलौज की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने गुलशन पर लाठी-डंडों से हमला कर उसे घायल कर दिया। बीच-बचाव के प्रयास में पहुंचे गुलशन के दादा, 65 वर्षीय माखन सिंह अहिरवार, को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा। मारपीट में गंभीर रूप से घायल माखन सिंह को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या का प्रकरण दर्ज और गिरफ्तारी अभियान
मृतक माखन सिंह अहिरवार के भतीजे गुलशन अहिरवार की रिपोर्ट पर म्याना थाने में लालजी अहिरवार, राहुल अहिरवार, महेन्द्र अहिरवार, नंदा अहिरवार, सूखा अहिरवार और मनसिंगा अहिरवार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं, जिनमें अपराध क्रमांक 220/26, धारा 296(ए), 115(2), 103(1), 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही
पुलिस टीम ने अपराधियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर सघन दबिश दी। इस अथक प्रयास के परिणामस्वरूप, पुलिस महकमे को महज 24 घंटों के भीतर सभी छह आरोपियों - लालजी, राहुल, नंदा, मनसिंगा, सूखा और महेन्द्र - को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। सभी आरोपी ग्राम गोपालपुर मारधय के ही निवासी बताए जा रहे हैं।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
सभी गिरफ्तार आरोपियों से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुना स्थित माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस सफल और त्वरित कार्यवाही में उपनिरीक्षक विजय सिंह परिहार, सउनि रामकृष्ण रघुवंशी, सउनि कैलाश डाण्डे तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने भी अहम भूमिका निभाई। जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी।
