गुना महाविद्यालय में नशा मुक्ति भाषण प्रतियोगिता, चार छात्रों को मिले पुरस्कार
गुना महाविद्यालय में एनसीसी इकाई और माय भारत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में 'नशा मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई, जिसमें चार छात्रों को...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 18 अक्टूबर 2026
गुना महाविद्यालय में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) इकाई डी कंपनी और 'माय भारत केंद्र' गुना के संयुक्त तत्वावधान में 'सेवा संकल्प अभियान' के समापन के अवसर पर 'नशा मुक्त भारत' विषय पर एक विशेष भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ना था। यह आयोजन महाविद्यालय के परिसर में संचालित विभिन्न गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जो युवाओं में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गईं।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रभात चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में एनसीसी अधिकारी कैप्टन मनोज कुमार भिरोरिया, एनएसएस अधिकारी डॉ. सोनू जैन, डॉ. सोनिया गोयल और डॉ. प्रवीण चौधरी जैसे प्रतिष्ठित प्राध्यापक और अधिकारी शामिल थे। इन गणमान्य व्यक्तियों ने छात्रों के विचारों और प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का संचालन 'माय भारत केंद्र' गुना के संजीव कुमार मेहरा ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि राजपाल यादव ने सभी उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
नशा मुक्ति पर केंद्रित भाषण प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्रों ने 'नशा मुक्त भारत' विषय पर अपने विचार, तर्क और अनुभव प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। छात्रों ने नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्परिणामों को विस्तार से बताते हुए, नशे से दूर रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंसकर अपने भविष्य को बर्बाद कर लेती है और कैसे वे समाज के लिए एक सकारात्मक शक्ति बन सकते हैं। निर्णायकों द्वारा छात्र-छात्राओं के ज्ञान, प्रस्तुति शैली और विषय की गहनता के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया गया। इन चयनित छात्रों को उनके प्रदर्शन के लिए मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का सम्मान था, बल्कि यह अन्य छात्रों को भी ऐसे सामाजिक मुद्दों पर बोलने और सक्रिय होने के लिए प्रेरित करेगा।
सामूहिक शपथ और सामाजिक प्रतिबद्धता
समारोह के अंतिम चरण में, नशा मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और आयोजकों को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई। यह शपथ एक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के साथ-साथ एक सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक थी। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर उन्हें इससे बचाने का प्रयास करेंगे। इस सामूहिक शपथ के माध्यम से युवाओं ने समाज को नशे की बुराई से मुक्त बनाने की दिशा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिससे कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक माहौल में हुआ। इस पूरे आयोजन में डॉ. शिवम दीक्षित, डॉ. पुरुषोत्तम गौतम और मनोज सिंह जैसे वरिष्ठ प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में एनसीसी एवं एनएसएस के लगभग 100 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन युवाओं में सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ने की दिशा में एक अत्यंत प्रभावी कदम साबित हुआ।
