गुना की मोबाइल कोर्ट को स्कॉच अवार्ड, भूमि विवादों का त्वरित समाधान
जिला प्रशासन गुना की मोबाइल कोर्ट पहल को नई दिल्ली में 109वें स्कॉच समिट में फाउंडेशन ऑफ इंक्लूसिव ग्रोथ श्रेणी में प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 26 सितंबर 2026
जिला प्रशासन गुना के राजस्व विभाग द्वारा संचालित एक अभिनव मोबाइल कोर्ट पहल को नई दिल्ली में आयोजित 109वें स्कॉच समिट 2026 में फाउंडेशन ऑफ इंक्लूसिव ग्रोथ श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार विशेष रूप से कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के नवाचारों को मान्यता देता है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को आमजन तक सुलभ बनाना है।
नई दिल्ली में संपन्न हुए भव्य समारोह में, जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम अमित सोनी और तहसीलदार देवदत्त गोलिया ने यह महत्वपूर्ण पुरस्कार ग्रहण किया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि कैसे एक स्थानीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर सराही जा सकती है, खासकर जब यह सीधे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित हो।
भूमि विवादों के समाधान में 'मोबाइल कोर्ट' की भूमिका
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में शुरू की गई मोबाइल कोर्ट प्रणाली का प्राथमिक लक्ष्य प्रशासन को नागरिकों के द्वार तक पहुंचाना है। इस अनूठी पहल के माध्यम से, भूमि संबंधी विवादों का मौके पर ही, अर्थात सीधे घटनास्थल पर, समाधान किया जाता है। इस व्यवस्था ने अब तक लगभग 424 से अधिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया है। इसने लंबे समय से लंबित पड़े मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे पक्षकारों को राहत मिली है।
नागरिक-केंद्रित सुशासन को प्रोत्साहन
मोबाइल कोर्ट की कार्यप्रणाली में राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर सुनवाई करते हैं। इस प्रक्रिया से नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की परेशानी से मुक्ति मिलती है। प्रशासनिक सेवाओं के इस सुगम और सुलभ स्वरूप ने आम जनता को बड़ी राहत प्रदान की है। समयबद्ध निराकरण से न केवल विवादों में कमी आई है, बल्कि क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति को भी मजबूती मिली है।
यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान नागरिक-केंद्रित सुशासन और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के प्रति जिला प्रशासन गुना की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस सफलता से भविष्य में अन्य प्रशासनिक सुधारों को भी गति मिलने की संभावना है, जिससे देश भर में बेहतर प्रशासनिक मॉडल के प्रसार को प्रोत्साहन मिलेगा।
