गुना: केंद्रीय मंत्री को सौंपा अस्थाई कर्मचारियों के नियमितीकरण का मांग पत्र
गुना में थीम रोड ब्यूटीफिकेशन शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपा मांग पत्र। वर्ष 2016 तक के कर्मचारियों के नियमितीकरण...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 18 सितंबर 2026
गुना के प्रताप छात्रावास मैदान में आयोजित थीम रोड ब्यूटीफिकेशन शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान, भारतीय जनता पार्टी के जिला सह कोषाध्यक्ष राजेश साहू ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को नगरीय निकायों में कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उठाई गई है।
सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि वर्ष 2016 तक नियुक्त हुए कई अस्थाई कर्मचारी पिछले 15 से 17 वर्षों से निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लंबे समय से कार्यरत होने के बावजूद, इन श्रमिकों को आज भी केवल कलेक्टर दर पर न्यूनतम वेतन ही मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पत्र में शासन स्तर से वर्ष 2016 तक के समस्त श्रमिकों को नियमित अथवा विनियमित करने हेतु आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की गई है।
कर्मचारियों के आर्थिक और मानसिक शोषण की समाप्ति की अपील
राजेश साहू ने तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि कर्मचारियों के नियमितीकरण से उनका आर्थिक और मानसिक शोषण समाप्त हो सकेगा, जिससे वे बेहतर जीवन जी पाएंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने की उचित कार्रवाई की घोषणा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्राप्त मांग पत्र को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों की पीड़ा को समझा। उन्होंने इस विषय पर उचित कार्यवाही करने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री के इस आश्वासन से कर्मचारियों में अपनी मांगों के पूर्ण होने की उम्मीद जगी है।
इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के भविष्य के लिए एक आवश्यक कदम बताया। अब सभी की निगाहें शासन स्तर से होने वाली आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं, जिससे इन कर्मचारियों को वर्षों बाद स्थायी राहत मिल सके।
