गुना जिला चिकित्सालय परिसर में तंबाकू सेवन पर 11 लोगों पर जुर्माना
गुना जिला चिकित्सालय परिसर में तंबाकू का सेवन करने वाले 11 लोगों पर 1,050 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 22 अक्टूबर 2026
गुना जिला चिकित्सालय परिसर में तंबाकू का सेवन कर स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाले 11 व्यक्तियों पर कुल 1,050 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के सेवन पर रोक लगाना था, ताकि मरीजों और कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
अस्पताल परिसर में सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन न करने और उल्लंघन पर 200 रुपये जुर्माने की चेतावनी वाले बोर्ड स्पष्ट रूप से लगाए गए हैं। इन नियमों की अनदेखी करने वाले लोगों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। डिप्टी कलेक्टर महिमा चौधरी ने संबंधित व्यक्तियों को अस्पताल परिसर की स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन से बचने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि चिकित्सालय जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में तंबाकू का सेवन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दूसरों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
तंबाकू व्यसन मुक्ति हेतु परामर्श एवं उपचार
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी विनीता सोनी ने तंबाकू का सेवन करने वालों को अपनी आदत छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्र पर उपलब्ध परामर्श एवं उपचार सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस केंद्र पर तंबाकू की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को विशेषज्ञ डॉक्टरों और परामर्शदाताओं द्वारा सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें व्यवहारिक चिकित्सा और आवश्यक दवाएं शामिल हैं।
इस प्रशासनिक कार्रवाई को सफल बनाने में डॉ. सूरज सिंह, डॉ. अरुण प्रकाश धाकड़, रेखा शर्मा, शीलेन्द्र सिंह, मुरारी लाल, सादिक खान, आदिल खान और मोनू जाटव ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इन सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि अभियान सुचारू रूप से चले और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो। अस्पताल प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य संस्थान को पूर्णतः तंबाकू मुक्त और स्वच्छ बनाना है, ताकि मरीजों को एक बेहतर और स्वास्थ्यप्रद वातावरण मिल सके। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और तंबाकू से संबंधित बीमारियों के प्रसार को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
