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गुना: घर में घुसकर मारपीट, एफआईआर न होने से परेशान महिला पहुंची एसपी जनसुनवाई

गुना में एक महिला ने घर में घुसकर मारपीट का आरोप लगाया है। विजयपुर थाने में शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने से क्षुब्ध महिला ने एसपी जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई है।

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संवाददाता: राजा हतम वेग
गुना: घर में घुसकर मारपीट, एफआईआर न होने से परेशान महिला पहुंची एसपी जनसुनवाई

संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 1 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक महिला ने कथित तौर पर घर में घुसकर मारपीट करने और शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज न करने के मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) की जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई है। विजयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मीडुपारी दौराना की निवासी दुलारी बाई ने एसपी जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

पीडिता दुलारी बाई के अनुसार, मंगलवार को वह अपने घर पर अकेली थीं, तभी गांव के मिश्रा भील, भगवत भील, महेंद्र भील और अमर सिंह भील एकराय होकर उनके घर में घुस आए। उन्होंने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि विरोध करने पर दुलारी बाई के साथ जमकर मारपीट भी की। महिला का आरोप है कि इस मारपीट में उनके गले, गाल और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।

थाना पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप

दुलारी बाई का कहना है कि घटना की जानकारी विजयपुर थाने में दी गई थी, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एक शिकायती आवेदन लेकर उन्हें टाल दिया। पुलिस की इस निष्क्रियता से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार पीडिता को धमकियां दे रहे हैं। महिला ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल एफआईआर दर्ज करने और गरीब पीडिता को सुरक्षा व न्याय दिलाने का आग्रह किया है।

एफआईआर पंजीकरण और नागरिक अधिकार

भारत में, संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 173 के तहत, यदि कोई संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है, तो पुलिस अधिकारी एफआईआर दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकते। यदि कोई पुलिस अधिकारी एफआईआर दर्ज करने से इनकार करता है, तो पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत कर सकता है या न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकता है, जो पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों की सुविधा के लिए ई-एफआईआर की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे नागरिक कहीं से भी ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।