गुना: चांचौड़ा पुलिस ने 26 लाख की स्मैक जब्त कर सप्लायर को दबोचा
चांचौड़ा पुलिस ने 257.5 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर सप्लायर को भी पकड़ा गया। जब्त की गई स्मैक की कीमत लगभग 25.50 लाख रुपये है।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 6 सितंबर 2026
गुना जिले के चांचौड़ा थाना पुलिस ने नशीले पदार्थ स्मैक की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल करते हुए लगभग 26 लाख रुपये मूल्य की 257.5 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिसिया कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आए स्मैक के सप्लायर को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है। इस बड़ी कार्रवाई से जिले में सक्रिय नशे के नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद जगी है, और पुलिस तस्करी से जुड़े अन्य सूत्रधारों और माध्यमों की भी गहनता से जांच कर रही है।
यह सफलता गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और एसडीओपी चांचौड़ा मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में चांचौड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया और उनकी टीम द्वारा की गई सुनियोजित और सतर्क कार्रवाई का परिणाम है। पुलिस को मिली विश्वसनीय मुखबिर सूचना के आधार पर यह कार्यवाही 5 सितंबर 2026 की रात्रि में की गई।
तस्करों पर कड़ी कार्रवाई का पुलिस का संकल्प
सूचना यह थी कि एक युवक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (नंबर प्लेट MP08 MR 65, दो अंक मिटे हुए) पर मृगवास की ओर से चांचौड़ा की तरफ भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ स्मैक लेकर आ रहा है। इस संवेदनशील सूचना पर चांचौड़ा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई के लिए एक टीम गठित की और चांचौड़ा-मृगवास रोड पर चौड़ारेश्वर मंदिर तिराहे पर सुनियोजित तरीके से नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए का एक युवक मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम रंजीत पुत्र रघुवीर मीना (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम रानीखेजड़ा, थाना चांचौड़ा, जिला गुना) बताया। पुलिस द्वारा संदेही की विधिवत तलाशी लेने पर उसके कब्जे से कुल 257.5 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद हुई। इस बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत लगभग 25,50,000 रुपये आंकी गई है, जबकि घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की कीमत लगभग 50,000 रुपये है। इस प्रकार, पुलिस ने कुल तकरीबन 26 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी से जुड़े सप्लायर पर भी शिकंजा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी रंजीत ने बताया कि वह यह स्मैक मृगवास में अपने ही गांव के मोहन पुत्र शांतिलाल साहू (निवासी ग्राम रानीखेजड़ा, थाना चांचौड़ा) से खरीदकर ला रहा था। इस महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर पुलिस ने स्मैक के विक्रेता मोहन साहू को भी इस प्रकरण में आरोपी बनाया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध चांचौड़ा थाने में अपराध क्रमांक 297/26 के तहत धारा 8/21, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
पुलिस वर्तमान में आरोपी रंजीत से स्मैक की सप्लाई के स्रोत, तस्करी के अन्य माध्यमों और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क की कड़ियों के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है। इस मामले में, पकड़े गए तस्कर रंजीत से प्राप्त जानकारी के आधार पर, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोहन साहू को भी आरोपी बनाया। यह दर्शाता है कि गुना पुलिस न केवल प्राथमिक तस्करों को पकड़ने तक सीमित है, बल्कि पूरे आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने की दिशा में सक्रिय है। इस तरह के नेटवर्क को तोड़ने से नशे के फैलाव पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है, जो समाज के लिए एक गंभीर खतरा है।
इस महत्वपूर्ण और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में चांचौड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, सउनि अरुणप्रताप भदौरिया, सउनि राकेश भील, प्रधान आरक्षक अशोक वारिया, प्रधान आरक्षक अंकेश मौर्य, प्रधान आरक्षक विष्णु गुर्जर, आरक्षक रोहित भदौरिया, आरक्षक अमित राजावत, आरक्षक नवदीप शर्मा, आरक्षक जसरथ कुशवाह, आरक्षक देवेश धाकड़ और आरक्षक राजेश केवट शामिल थे। इन सभी अधिकारियों और जवानों के अथक प्रयासों और सूझबूझ से ही यह बड़ी सफलता संभव हुई है, जो नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस के बढ़ते दबदबे को दर्शाता है।
गुना पुलिस का यह स्पष्ट संदेश है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के कारोबारियों और उनके सप्लायरों के विरुद्ध पुलिस की यह कार्रवाई केवल तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नशे की खेप के स्रोत और पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस तरह के अवैध धंधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचाया नहीं जा सकेगा। नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण के उद्देश्य से अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और इनसे जुड़े नेटवर्क के विरुद्ध कठोर और प्रभावी कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। यह कार्यवाही न केवल एक सफलता है, बल्कि जिले के नागरिकों को यह आश्वासन भी देती है कि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पुलिस पूरी तरह से तत्पर है।
